सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। सफेद कोट पहनकर मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. अजय खन्ना ने अपना मूल पेशा बदलकर रियल एस्टेट की दुनिया में कदम रखा और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया। शुरुआत में उन्होंने छोटी-मोटी डील की लेकिन जल्द ही उनका नाम विवादित जमीनों के कारोबार से जुड़ने लगा।
सूत्रों की मानें तो डॉ. अजय खन्ना अधिकारियों का काला धन सफेद करने के लिए विवादित जमीनों का खरीदता था। दबाव बनाकर इन जमीनों पर कब्जे करके उन्हें कई गुणा अधिक रेट पर बेचता था।
यही कारण है कि अर्जुन शर्मा व उसकी मां बीना शर्मा की विवादित जमीन पर उसने आठ करोड़ रुपये लगा दिए। इसके बाद जमीन को अपने नाम करवाने के लिए लगातार दबाव बनाने लगा।
डॉ. खन्ना इस समय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का प्रांतीय अध्यक्ष भी था। यहां से भी वह अपना दबदबा बनाता था।
बताया जा रहा है कि डॉ. खन्ना आयकर रिटर्न में डॉक्टरी पेशे की कम जबकि प्रापर्टी का अधिक टैक्स भरता था। यह देखकर इनकम टैक्स अधिकारी भी हैरत में रहते थे। कारोबारी की हत्या में नाम आने के बाद अब पुलिस उसकी गहनता से जांच कर रही है। आरोपित के अपराधिक इतिहास के साथ-साथ प्रापर्टी का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
राजीव ने 29 साल की उम्र में की थी पिता की हत्या
कारोबारी की हत्या करने वाले राजीव राणा की कहानी भी दिलचस्प है। वर्ष 1997 में उसने अपने ही सौतेले पिता की हत्या कर दी। इस मामले में क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
कुछ समय वह जेल में बंद रहा, लेकिन 2001 में वह बरी हो गया। उसके पिता मेरठ में नौकरी करते थे, ऐसे में उनका मेरठ आना लगा रहता था। कुछ समय पहले वह मेरठ से तमंचा खरीदकर लाया था। इसी कट्टे से उसने कारोबारी अर्जुन शर्मा की हत्या की थी।
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