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आधी रात को देहरादून में भिखारियों ने किया ऐसा कांड, मच गया हड़कंप; अंधेरे में डूबा गया Doon

cy520520 2025-10-8 23:06:33 views 1260
  फुटपाथ पर सोने वाले भिखारी भी बने सिरदर्द. Concept





जागरण संवाददाता, देहरादून। राजधानी दून की अंधेरे में डूबी कई सड़कों को दीपावली से पहले रोशन करने के लिए नगर निगम ने पूरा जोर लगा दिया है। हालांकि, निगम युद्ध स्तर पर लाइट दुरुस्त करने के दावे कर रहा है, लेकिन अब भी बड़े पैमाने पर लाइट बंद पड़ी हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

वहीं, निगम ने शहर के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट ऊर्जा निगम के कारण बंद पड़ी होने की बात कही। बिजली के पोल व लाइन बदलने के दौरान स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काटकर ऊर्जा निगम के ठेकेदार चलते बने और इकाला अंधेरे में डूब गया।



इस वजह से विभिन्न क्षेत्रों में 105 लाइट बंद पड़ी होने की सूचना है। इधर, फ्लाइओवर रोशन करने के लिए नगर निगम ने चार घंटे यातायात रोककर सुबह-सुबह लाइटों की मरम्मत कर दी है। निगम को कुछ स्थान पर भिखारी भी चुनौती दे रहे हैं, जो रात को लाइट के स्विच आफ कर देते हैं।


नगर निगम के पथ प्रकाश अनुभाग प्रभारी रंजीत राणा ने बताया कि ऊर्जा निगम के ठेकेदार पुरानी लाइनें हटाकर बंच केबल डाल रहे हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ रहे। केवल घरों और दुकानों के कनेक्शन बहाल किए जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, गलियों में अंधेरा छाया है और लोग नगर निगम पर लाइट खराब होने की शिकायतें कर रहे हैं। नगर निगम ने चेतावनी दी कि अगर ऊर्जा निगम ने जल्द लाइट कनेक्शन बहाल नहीं किए तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।



शहर की रोशनी बहाल करने के लिए नगर निगम एक ओर जहां ऊर्जा निगम की लापरवाही से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक कारणों से भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। उप नगर आयुक्त गौरव भसीन का कहना है कि शहर की सुरक्षा और सौंदर्य दोनों के लिए पथ-प्रकाश व्यवस्था को सुचारू बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल्द ही निगम ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर बंच केबल से स्ट्रीट लाइट कनेक्शन जोड़ने की जिम्मेदारी तय करेगा।


धोरण मार्ग पर अंधेरा, दुर्घटनाओं का खतरा

सहस्रधारा रोड को कैनाल रोड से जोड़ने वाले धोरण मार्ग पर भी घना अंधेरा बना हुआ है। क्षेत्र में देर रात तक वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन लाइटें बंद होने से हादसों की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय निवासी सुरेश सिंह ने बताया कि तीव्र मोड़ों पर दुपहिया वाहन लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है और इस संबंध में जल्द नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह आइटीबीपी परिसर के पास सीमाद्वार से कैपिटल हाइट्स रोड तक भी कई महीने से लाइटें बंद हैं।


फ्लाईओवर की लाइट दुरुस्त करने के लिए चार घंटे रुका ट्रैफिक

शहर के फ्लाईओवरों पर बंद पड़ी लाइटें दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान चलाया। इसके लिए रविवार को सुबह चार से आठ बजे तक कई फ्लाईओवरों पर यातायात रोक दिया गया।

पुलिस की अनुमति से निगम की टीम ने बल्लीवाला फ्लाईओवर समेत अन्य मार्गों पर खराब लाइटें ठीक कीं। बल्लीवाला फ्लाईओवर की चौड़ाई कम होने के कारण पहले मरम्मत वाहन खड़ा कर काम कर पाना मुश्किल था, इसलिए लंबे समय से यहां अंधेरा पसरा था। अब मरम्मत के बाद इन मार्गों पर रोशनी लौटी है।


फुटपाथ पर सोने वाले भिखारी भी बने सिरदर्द

नगर निगम की जांच में एक हैरान करने वाली बात सामने आई, भिखारी खुद स्ट्रीट लाइट बंद कर रहे हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कई भिक्षुक या बेघर व्यक्ति रात में सड़क किनारे सोते हैं और लाइट की रोशनी से नींद में खलल पड़ता है।

ऐसे में वे मेन स्विच बंद कर देते हैं, जिससे आधी रात को ही कई लाइटें बुझ जाती हैं। निगम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर यह सच्चाई सामने आने की पुष्टि की है। अब निगम ऐसे क्षेत्रों में स्विच बाक्स को सुरक्षित कवर में बंद करने और मानीटरिंग बढ़ाने की योजना बना रहा है।
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