संवाद सूत्र, बाराबंकी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिला शिक्षा परियोजना समिति की बैठक हुई। डीएम शशांक त्रिपाठी ने निर्देश दिए कि प्रार्थना सभा आधारित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाए। न्याय पंचायत व ब्लाक स्तर पर प्रतियोगिताएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि जनपद स्तर फरवरी माह के अंत में कराई जाएं।
कक्षा छह से आठ तक भाषण, कक्षा चार-पांच के लिए कहानी और कक्षा एक से तीन तक कविता प्रतियोगिता होंगी। डीएम ने ब्लाकवार 20 ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं, जहां पर बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता कमजोर है। ठोस कार्ययोजना बनाकर सुधार के आदेश दिए।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में नामित नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुधन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक, सभी जिला स्तरीय अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
एनीमिक गर्भवतियों पर रखें नजर
स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा व कन्वर्जेंस बैठक भी डीएम शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। मातृ-शिशु स्वास्थ्य व पोषण से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सीडीपीओ को निर्देश दिया कि गंभीर एनीमिक गर्भवती की व्यक्तिगत निगरानी कर उपचार किया जाए।
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अतिकुपोषित बच्चों की नियमित देखभाल, जरूरत पड़ने पर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने को कहा गया। डीएम ने कहा कि डिजिटल माध्यम से गर्भवती, धात्री माताओं और शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों की निगरानी प्रभावी होती है, इसलिए कोई भी लाभार्थी डेटा से वंचित न रहे। |
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