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प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, अमरोहा। शहर के एक नामचीन कार कारोबारी पर 98 लोगों ने कारों की खरीद-फरोख्त के नाम पर 4.61 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कारोबारी ने सरकारी दफ्तरों और दिल्ली की ट्रेवल एजेंसियों में कारें किराए पर लगाने का झांसा देकर लोगों से रुपये लिए।
शुरुआत में मुनाफे के रूप में कुछ रुपये भी लौटाए गए, लेकिन बाद में रुपये लौटाने से मना कर दिया गया। जब उन्होंने रुपयों की मांग की तो कारोबारी ने देने से साफ मना कर दिया। इधर, मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई। जिसके बाद सीओ सदर ने जांच शुरू कर दी है।
मुहल्ला जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद अजहर कारोबारी हैं। उनका कहना है कि 2022 में उनकी मुलाकात नगर के बिजनौर रोड निवासी शहर के नामचीन कार कारोबारी से हुई थी। उसके तीन अन्य लोग भी थे। कारोबारी ने उन्हें लखनऊ सचिवालय और स्वास्थ्य विभाग में कार किराए पर लगाने का झांसा दिया।
कहा था कि कार खरीदकर वहां लगवा देगा और हर महीना किराए के रुपये मिलेंगे। इस पर उसने पहले 20 लाख रुपये दे दिए। बताया कि आरोपितों ने उसे भरोसा दिलाने के लिए पहले मुनाफे के रूप में कुछ रुपये लौटाए। इसके बाद उन्होंने उससे और लोगों के रुपये कारोबार में लगाने के लिए कहा।
आरोपितों ने उससे, मोहम्मद आसिफ, सुब्हान समेत करीब 98 लोगों से कुल पांच करोड़ 61 लाख रुपये लिए। कहा कि 18 महीनों तक रुपयों का लेनदेन चलता रहा। आरोपित उन्हें मुनाफे के रूप में रुपये देते रहे। इस दौरान उन्होंने एक करोड़ रुपये वापस भी किए, लेकिन बाद में रुपये लौटाना बंद कर दिया।
कारोबार में घाटा दिखाते हुए आरोपितों ने बातचीत भी बंद कर दी। खरीदी गई कारों का क्या हुआ, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन आरोपितों ने रुपये लौटाने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद को शिकायती पत्र दिया था। एसपी ने मामले की जांच सीओ सदर अभिषेक यादव को सौंपी है।
नकली नोटों के कारोबार में फंसवाने की दी धमकी
पीड़ितों ने जब आरोपित कार कारोबारी से रुपयों को लेकर तकादा किया तो उसने उन्हें नकली नोटों के कारोबार करने के आरोप में फंसाने की धमकी दी। इतना ही नहीं उसने दो पुलिसकर्मियों को भी बुला लिया था। जोकि उलटे पीड़ितों को धमका रहे थे।
मामला संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है। पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक यादव, सीओ सदर।
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