प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। आंवला से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने लोकसभा में सवाल उठाया था कि बरेली मंडल में स्वीकृत स्वास्थ्य योजनाओं की क्या स्थिति है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में यह अवगत कराया गया है कि बरेली में एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला स्वीकृत हुई थी, लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं हो पाने से वह लखनऊ शिफ्ट कर दी गई।
गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाला बरेली में प्रस्तावित क्रिटीकल केयर हास्पिटल ब्लाक और एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला परियोजना के लिए स्थानीय प्रशासन 2021 से 2026 तक भूमि उप्लब्ध नहीं करा पाया। इस कारण प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत बरेली में लगने वाली इस बड़ी परियोजना को लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।
सांसद द्वारा लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्थापित होने वाले 75 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और 74 गहन चिकित्सा ब्लाक में बरेली जिले में भूमि की अनुपलब्धता के कारण परियोजना को लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बरेली क्षे़त्र में मलेरिया, डेंगू और जापानी एन्सेफलाइटिस, एंटरोवायरस, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पाइरोसिस और सेरेब्रल मलेरिया, की निगरानी के लिए एकीकृत रोग निगरानी पोर्टल के उपयोग का तो उल्लेख किया गया, परंतु यह स्पष्ट नहीं किया गया कि तराई क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण के जोखिम को देखते हुए स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
सांसद ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जरूरी योजनाओं के लिए भी अगर सरकार और प्रशासन भूमि उपलब्ध नहीं करा पाता है तो यह स्थानीय प्रशासन की विफलता है। वह प्रदेश सरकार से मिलकर योजना को बरेली में ही स्थापित कराने का प्रयास करेंगे।
यह भी पढ़ें- UP Budget 2026: बरेली के इन 3 नाथ मंदिरों की चमकेगी किस्मत, करोड़ों के बजट से मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं |