प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, अमरोहा। अभासी दुनिया यानी जिंदगी को रंगीन बनाते नजर आने वाले इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म। इन पर कौन किस रूप में है, सहज अंदाजा लगाना मुश्किल है। ऐसे ही खुद को अमेरिका सेना का अधिकारी बताने वाली मिस जारा ने हसनपुर के अधिवक्ता से संपर्क कर झांसे में ले लिया। बताया कि वह सीरिया में तैनात है। उसे वहां आतंकियों का छुपाया खजाना मिला है।
गुपचुप तरीके से वह उसे भारत भेज देगी और बाद में खुद भी आकर रहने लगेगी। इस झांसे में आए अधिवक्ता ने जारा और उसके गैंग के सदस्यों के इशारे पर सात महीना में 26 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। मामला बेटे के संज्ञान में आने के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई।
हसनपुर के एक मुहल्ला निवासी अधिवक्ता जिला न्यायालय में प्रेक्टिस करते हैं। उनका कहना है कि 12 मई 2025 को उनके वाट्सएप पर एक अंजान नंबर से काल आई थी। काल करने वाली एक महिला थी। बाद में मैसेज का सिलसिला शुरू हुआ। महिला ने अपना नाम जारा बताया। कहा था कि वह अमेरिका की सेना में अधिकारी है। फिलहाल उसकी तैनाती सीरिया में है।
जहां उसे आतंकियों की ओर से छुपाया गया खजाना मिला है। खजाने के रूप में उसने 300 करोड़ डालर बताए थे। यह भी कहा था कि खजाने की जानकारी केवल उसके पास ही है। वह चाहती है कि इसे किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सौंपा जाए और बाद में मिलकर बांट लेंगे। इस पर वह महिला के झांसे में आ गए। उन्होंने महिला पर यकीन कर लिया।
कहा कि आरोपित ने यह भी कहा था कि रुपये ट्रांसफर होने के बाद वह खुद भी भारत आकर रहने लगेगी। इसके लिए उसने भारत में अपने एक भरोसेमंद दोस्त के बारे में भी बताया था, जोकि एक राजनायिक है। हालांकि अधिवक्ता ने साक्ष्य के तौर पर कुछ डालर भेजने की बात कही थी। इस पर जारा ने 1200 डालर का पार्सल अधिवक्ता के पास भेजने का भरोसा दिलाया। यहीं से ठगी का सिलसिला शुरू हो गया।
पार्सल की सिक्योरिटी जमा करने के नाम से शुरू हुआ रुपये ट्रांसफर करने का सिलसिला सात महीना तक चला। कभी कस्टम ड्यूटी का शुल्क तो कभी पार्सल पुलिस की ओर से पकड़े जाने का भय दिखाकर रुपये वसूलना। कुल मिलाकर सात महीने के भीतर अधिवक्ता ने जारा और उसके साथियों के कहने पर 26 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।
3 नवंबर 2025 को जब उन्होंने अंतिम बार एक लाख रुपये का ट्रांजक्शन किया तो उनके बेटे को इसकी जानकारी हुई। लिहाजा बेटे ने ऐसा करने से मना किया और टोल फ्री नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कराई थी। 12 फरवरी 2026 को उन्होंने साइबर थाने में तहरीर दी। तहरीर मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हसनपुर के अधिवक्ता के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
- जितेंद्र बालियान, प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना।
यह भी पढ़ें- अमरोहा में बड़ा स्कैम: मशहूर कार कारोबारी ने 98 लोगों को लगाया 4.61 करोड़ का चूना, तरीका जानकर उड़ जाएंगे होश! |
|