हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की मंडियों में बेहद कम दाम पर बिक रहे आलू और गोभी से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। भावांतर भरपाई के तहत सहायता मांग रहे किसानों की फसलों के भौतिक सत्यापन की तिथि 20 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा आगामी फसलों टमाटर, भिंडी, प्याज, घीया, करेला, मिर्च, शिमला मिर्च, बैगन, लीची और आम के लिए भी भावांतर भरपाई की जाएगी।
विगत 17 जनवरी को भी भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी की खेती करने वाले 4073 किसानों को भावांतर के रूप में 20 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। उद्यान विभाग ने बागवानी योजना के प्रति किसानों के रुझान और उनके आर्थिक नुकसान को देखते हुए आलू व फूलगोभी के भौतिक सत्यापन की तिथि को शुक्रवार तक बढ़ाया है।
इसी तरह मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अन्य बागवानी फसलों के रजिस्ट्रेशन के लिए भी समय सीमा निर्धारित कर किसानों को निर्धारित अवधि में फसलों का पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। टमाटर के लिए 500 और प्याज के लिए 650 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए किसानों को 15 फरवरी तक पंजीकरण कराना होगा। सत्यापन 15 मार्च तक किया जाएगा।
भिंडी के लिए संरक्षित मूल्य 1050 रुपये प्रति क्विंटल, घीया के लिए 450, करेला के लिए 1350 और मिर्च के लिए 950 रुपये क्विंटल संरक्षित मूल्य रखा गया है। चारों फसलों के लिए 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा, जबकि सत्यापन भी इसी अवधि में होगा।
शिमला मिर्च का संरक्षित मूल्य 900 और बैगन का संरक्षित मूल्य 500 रुपये है, जिसके लिए 15 मार्च तक रजिस्ट्रेशन और 31 मार्च तक सत्यापन का काम होगा। लीची का संरक्षित मूल्य 2400 और आम का 1950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। |