हरियणा भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार। चंद्र प्रकाश मिश्र
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने कहा कि वंदे मातरम के विरोध के पीछे वोट बैंक की राजनीति हावी है। अन्यथा लाखों मुस्लिमों को वह जानते हैं जो गर्व से वंदे मातरम गाते हैं। उन्होंने विरोध करने वाले जमीयत व मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड जैसे मुस्लिम संगठनों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वह शैतान के रास्ते पर है।
लोगों को गुमराह कर उन्हें भड़का रहे
वह हरियाणा भवन में पुस्तक भारतीय मुस्लिमों की गौरव गाथाएं विमोचन अवसर को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वंदेमातरम का गान भी हुआ। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोग अखिलेश (सपा प्रमुख) जैसे लोगों की तो जयजयकार करते हैं, लेकिन जिस धरती पर जन्म लिया, जो सबका ईमान है। उससे उन्हें नफरत है। वंदेमातरम से उन्हें दुर्गंध आती है। ऐसे लोग केवल लोगों को गुमराह कर उन्हें भड़का रहे हैं।
राष्ट्रगीत ने सबको एकसूत्र में बांधा
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत देश की आत्मा का स्वर है, जो देश की संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की परंपराओं से जुड़ी हुई है। इन्हें अस्वीकार करना उस विरासत से दूरी बनाना है, जिसने इस देश को एक सूत्र में बांधा है।
देश के मूल में भारतीयता
उन्होंने कहा कि राष्ट्र पहले है, राजनीति बाद में, और कोई भी वैचारिक मतभेद देश की एकता और अखंडता से ऊपर नहीं हो सकता। इसी तरह, उन्होंने बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पर उम्मीद जताते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क जब भारत से जुड़ेगा तब वहां शांति आएगी और उसे हिंसा व अमानवीयता से मुक्ति मिलेगी। वर्ष 1947 के पूर्व वहां सभी लोग हिंदुस्तानी थे, उसके बाद पाकिस्तानी बने जबकि 1971 में बांग्लादेशी बने। उस देश के मूल में भारतीयता है।
यह रहे उपस्थित
समाजसेवी याजवेंद्र यादव द्वारा लिखित पुस्तक ऐसे भारतीय मुस्लिमों का दस्तावेज है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता, एकता, अखंडता व प्रगति के लिए अविस्मरणीय कार्य किए हैं। इस मौके पर शिक्षाविद फिरोजबख्त अहमद, एमआरएम के अफजाल अहमद, शाहिद अख्तर, शालिनी अली, शाहिद सईद, इमरान चौधरी, हाफिज साबरीन, खुर्शीद राजका समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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