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सीबीआई ने आरोपी को पकड़ा (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। करीब ढाई दशक तक कानून की नजरों से बचता रहा दूरसंचार विभाग घोटाले का आरोपी आखिरकार सीबीआई के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना नाम पीएम अब्दुल रज्जाक से बदलकर अब्दुल रसक करने वाले इस आरोपी को सीबीआई भोपाल की टीम ने तमिलनाडु के सलेम से गिरफ्तार किया है। ट्रांजिट रिमांड पर उसे भोपाल लाया गया है।
1995 में दर्ज हुआ था मामला
सीबीआई भोपाल शाखा ने 16 अक्टूबर 1995 को दूरसंचार विभाग, भोपाल क्षेत्र से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया था कि तत्कालीन डिविजनल मैनेजर मुकेश गुप्ता ने निजी व्यक्ति पीएम अब्दुल रज्जाक और अन्य के साथ मिलकर विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी।
इस मामले में जून 1999 में रज्जाक सहित पांच आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
2001 में घोषित हुआ था भगोड़ा
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान रज्जाक फरार हो गया। वर्ष 2001 में सीबीआई ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। भोपाल के सत्र न्यायालय से उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। बताया गया कि उसने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और परिवार सहित मध्य प्रदेश छोड़ दिया।
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नाम बदलकर रह रहा था सलेम में
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना नाम बदलकर अब्दुल रसक कर लिया था। लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी सीबीआई भोपाल ने एक विशेष टीम गठित की थी। खुफिया सूचना और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण के आधार पर उसकी लोकेशन तमिलनाडु के सलेम में ट्रेस की गई, जहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। |
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