कर्नाटक कोर्ट ने तीन दोषियों को मौत की सजा सुनाई
जागरण संवाददाता, अनुगुल। कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती स्थित प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को इजरायली महिला पर्यटक और एक भारतीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा ओडिशा के एक पुरुष पर्यटक की हत्या के मामले में तीनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में आता है।
प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नायक ने मल्लेश उर्फ हांडी मल्लेश, साई और शरणप्पा को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने पिछले सप्ताह तीनों को दोषी ठहराया था और सजा पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। घटना के 11 महीने के भीतर फैसला आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामला 6 मार्च 2025 का है। घटना गंगावती ग्रामीण थाना क्षेत्र में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी के निकट सनापुरा झील और तुंगभद्रा नहर के पास हुई थी।
लोक अभियोजक नागलक्ष्मी के अनुसार, एक भारतीय महिला, जो होमस्टे संचालित करती थी, रात करीब 10:30 बजे महाराष्ट्र के पंकज, ओडिशा के बिबास, डैनियल नामक एक अमेरिकी पर्यटक और एक इजरायली महिला को तारों का अवलोकन कराने तुंगभद्रा नहर किनारे ले गई थी।
इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार तीनों आरोपी वहां पहुंचे और पैसों को लेकर विवाद करने लगे। महिलाओं के साथ दुष्कर्म के इरादे से उन्होंने तीनों पुरुष पर्यटकों को नहर में धकेल दिया और भागने से रोकने के लिए उन पर पत्थर फेंके।
अभियोजन के अनुसार, दो आरोपियों ने पहले होमस्टे संचालिका से दुष्कर्म किया, फिर इजरायली पर्यटक से सामूहिक दुष्कर्म किया। ओडिशा के पर्यटक की नहर से बाहर न निकल पाने के कारण मौत हो गई, जबकि दो अन्य किसी तरह बच निकले।
घटना के बाद पीड़ितों ने सदमे की स्थिति में पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। गंगावती ग्रामीण पुलिस ने मामला दर्ज कर हांडी मल्लेश समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
इस जघन्य वारदात ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। घटना के बाद हम्पी, अंजनाद्री और सनापुरा झील जैसे पर्यटन स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तीखी रही। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा था। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा था कि हम्पी की वैश्विक छवि पर अमिट धब्बा लगा है और विदेशी पर्यटकों का विश्वास बहाल करने में वर्षों लग सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय होमस्टे संचालकों पर दोष मढ़ रही है। |
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