कमीशनखोरी बंद होने के डर से नगर निकाय चुनाव कराने से कतरा रही थी हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी
जागरण संवाददाता, खूंटी। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कमीशनखोरी बंद होने के डर से राज्य सरकार नगर निकाय चुनाव टालती रही, लेकिन भाजपा के आंदोलन और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव कराने को मजबूर हुई। वे सोमवार को खूंटी नगर पंचायत अध्यक्ष पद की भाजपा समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी के समर्थन में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव कराने की मांग कर रही थी, पर सरकार ने गैर-दलीय आधार पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय लिया, जिससे चुनाव में धांधली की आशंका बढ़ गई है।
मरांडी ने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर मतदाताओं को जागरूक करने और मतदान व मतगणना पर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने राज्य सरकार पर संसाधनों की लूट में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य ठप हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है।
पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि रानी टूटी को भारी मतों से विजयी बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में शहरी क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या थी, जिसे सकारात्मक प्रयासों से काफी हद तक दूर किया गया है। पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने बूथ कमेटियों को मजबूत करने और मतदाताओं को समय पर मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर जोर दिया।
प्रत्याशी रानी टूटी ने कहा कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य किए थे और उन्हें आगे भी जारी रखेंगी। चुनाव संयोजक काशीनाथ महतो ने उन्हें बेदाग छवि की प्रत्याशी बताते हुए कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की अपील की। जिलाध्यक्ष आनंद कुमार ने स्वागत भाषण दिया, जबकि संचालन निखिल कंडुलना ने किया।
बैठक में ओमप्रकाश कश्यप, मदन मोहन मिश्रा, जितेंद्र कश्यप, भीम सिंह मुंडा, परमानंद कश्यप, प्रियांक भगत, कृष्णानंद तिवारी, लव चौधरी, कैलाश महतो, अर्जुन पाहन, उमेश साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। |