विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल को \“गार्ड ऑफ ऑनर\“ दिया गया।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। सत्रहवीं ओडिशा विधानसभा का छठा (बजट) सत्र मंगलवार से राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल को \“गार्ड ऑफ ऑनर\“ दिया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी उन्हें सदन के भीतर ले गईं। राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत जय जगन्नाथ के जयघोष और दिवंगत नेताओं व शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की।
2036 का लक्ष्य: विकसित भारत का \“ग्रोथ इंजन\“ बनेगा ओडिशा राज्यपाल ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि तब तक ओडिशा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरे। उन्होंने बताया कि राज्य की आधारभूत संरचना (Infrastructure) को मजबूत किया जा रहा है और राजमार्गों का आधुनिकरण जारी है। विशेष रूप से भुवनेश्वर, कटक और खुर्दा को जोड़ते हुए एक नई रिंग रोड बनाने की योजना है।
आर्थिक और औद्योगिक विकास के बड़े दावे
अभिभाषण के दौरान राज्यपाल ने राज्य की आर्थिक प्रगति के कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
- आय में वृद्धि: 2036 तक प्रति व्यक्ति आय को 1.8 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.44 लाख (संभावित उच्च स्तर) करने का लक्ष्य है।
- गरीबी उन्मूलन: राज्य सरकार ने गरीबी दर को 5% तक कम करने का संकल्प लिया है।
- इंडस्ट्रियल हब: मेक इन ओडिशा के तहत 85 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। ओडिशा जल्द ही सेमीकंडक्टर का हब बनेगा।
- स्टील उत्पादन: वर्तमान में ओडिशा देश में इस्पात और स्टेनलेस स्टील उत्पादन में पहले स्थान पर है।
बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम
यह सत्र दो चरणों में कुल 28 कार्यदिवसों तक चलेगा:
- पहला चरण: 17 फरवरी से 24 फरवरी तक।
- बजट प्रस्तुति: 20 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (वित्त प्रभार) वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
- दूसरा चरण: 9 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा।
- बजट पारित: विभिन्न विभागों की व्यय मांगों पर चर्चा के बाद 31 मार्च को बजट पारित किया जाएगा।
राज्यपाल ने केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए महिला श्रम शक्ति बढ़ाने और कुपोषण मुक्त ओडिशा बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पेश होने की भी संभावना है। |
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