इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी। अब गरीबों को मिलनेवाले सरकारी अनाज में हेरा-फेरी नहीं चलेगी। फर्जीवाड़ा कर गरीबों के निवाले को गटक जानेवाले माफिया तंत्र पर सरकारी शिकंजा कसने लगा है।
अनाज पात्र लोगों को ही मिले, इसके लिए सरकार गंभीर है। सरकार के खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस सिलसिले में ताजा निर्देश जारी किए हैं।
विभाग की ओर से जारी निर्देश में बताया गया है कि राज्य के सभी जिलों में राशन कार्डधारियों की सूची से वैसे लोगों का नाम हटा लिया जाना है, जो राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं।
पूर्वी चंपारण के कुल 27 प्रखंडों में करीब 1.19 लाख ऐसे राशन कार्डधारियों की सूचना मिली है जो अपात्र हैं। उन सभी के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से जिला प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
सत्यापन व स्पष्टीकरण के बाद हटाए जाएंगे नाम
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार वैसे राशन कार्डधारियों का सत्यापन किया जा रहा है, जिनके नाम सूची में हैं, लेकिन वो अपात्र हैं। या फिर उनका अस्तित्व नहीं मिल रहा है।
बताया गया है कि अभी भी सूची में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें राशन कार्ड नहीं दिया जाना चाहिए। यानी उनके पास पक्का मकान, गाड़ी न ठीक-ठाक जमीन है फिर भी वो राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
इसी तरह कुछ नाम फर्जीवाड़ा कर जोड़े जाने की संभावना है। इस स्थिति में पहले सत्यापन किया जा रहा है। इसी के साथ संबंधितों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण पूछा जा रहा।
स्पष्टीकरण के बाद संबंधित का पक्ष जानने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए गलत तरीके से दर्ज अपात्रों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे।
मई 2025 में जिले में सामने आया था फर्जी राशन कार्ड बनाने का मामला
यहां बता दें कि 25 मई 2025 को अरेराज के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार की सूचना पर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल व पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम बनाई थी।
टीम ने पहाड़पुर थानाक्षेत्र के लगुनिया व दुधियावा में संचालित साइबर कैफे में छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से लैपटाप, मोबाइल, प्रिंटर, बायोमीट्रिक मशीन, नकली अंगुठा, स्वाइप मशीन, आई स्कैनर, स्टांप, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैनकार्ड, सिमकार्ड, ब्लैक स्मार्ट कार्ड आदि जब्त किया गया था।
गिरफ्तार बदमाशों ने गलत तरीके से राशन कार्ड आदि का निर्माण करने की बात स्वीकारी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने इसकी जांच के लिए विभाग को भी रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद विभाग की ओर से जारी ताजा निर्देशों के बाद हड़कंप मचा है। गलत करनेवाले लोगों की चिंता बढ़ी है।
‘जिले में वैसे राशन कार्डधारियों की पहचान की गई है जो अपात्र हैं। वैसे सभी लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद संबंधितों से उनका स्पष्टीकरण लिया जाएगा। इसके लिए संबंधितों को नोटिस की जा रही है। किसी भी स्थिति में सूची से वैसे सभी राशन कार्डधारियों का नाम काटा जाएगा जो अपात्र हैं।’
सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण। |
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