समस्तीपुर–रोसड़ा–खगड़िया रेलखंड के दोहरीकरण की प्रक्रिया शुरू। फोटो AI जनरेटेड
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। उत्तर बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। 85 किलोमीटर लंबे समस्तीपुर–रोसड़ा–खगड़िया रेलखंड के दोहरीकरण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
रेलवे बोर्ड की ओर से इस रेलखंड के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है।
पहले चरण में फाइनल लोकेशन सर्वे पर 2.04 करोड़ खर्च
रेलवे के अनुसार दोहरीकरण परियोजना के पहले चरण में 2.04 करोड़ रुपये की लागत से फाइनल लोकेशन सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के दौरान रेल लाइन की सटीक एलाइनमेंट तय की जाएगी।
साथ ही लेवलिंग कार्य, मिट्टी की गुणवत्ता की जांच, छोटे-बड़े पुलों की डिजाइन, एल-सेक्शन तैयार करना, मात्रा विवरण (क्वांटिटी एस्टीमेट) बनाना और संपूर्ण डीपीआर तैयार करने जैसे तकनीकी कार्य किए जाएंगे। डीपीआर के आधार पर यह तय हो सकेगा कि पूरे दोहरीकरण प्रोजेक्ट में कुल कितनी लागत आएगी।
6महीने में सर्वे रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य
पूर्व मध्य रेल के निर्माण संगठन की ओर से जारी टेंडर के अनुसार चयनित एजेंसी को छह महीने के भीतर सर्वे कार्य पूरा कर रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय को सौंपनी होगी।
टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 9 मार्च निर्धारित की गई है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने और आगे के निर्माण कार्य की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
सिंगल लाइन की बाधा होगी दूर
वर्तमान में यह पूरा रेलखंड सिंगल लाइन पर संचालित हो रहा है, जिस कारण ट्रेनों को अक्सर एक-दूसरे के क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर रुकना पड़ता है।
इससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन में भी देरी होती है। दोहरीकरण होने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा।
यात्रियों और व्यापार को मिलेगा लाभ
रेलखंड के दोहरीकरण से जहां यात्रियों का यात्रा समय कम होगा, वहीं ट्रेनों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है। मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोसड़ा, समस्तीपुर और आसपास के इलाकों के लिए यह रेल लाइन जीवनरेखा मानी जाती है, ऐसे में दोहरीकरण से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से समस्तीपुर–रोसड़ा–खगड़िया रेलखंड के दोहरीकरण की मांग की जा रही थी। अब फाइनल लोकेशन सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों को उम्मीद जगी है कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द धरातल पर उतर सकेगी।
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