फैक्ट्री में भीषण आग लगने के मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक विजय मोगरे और मैनेजर अभिषेक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सेक्टर 24 के पास एक फैक्ट्री में सोमवार को लगी भीषण आग में 50 से ज़्यादा लोग झुलस गए थे। इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक विजय मोगरे और मैनेजर अभिषेक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस हादसे में घायल हुए कांस्टेबल अजनेश कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
आरोपियों के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 115(2), 118(1), और 124(1) लगाई गई हैं। एडवोकेट संजीव चौधरी ने बताया कि धारा 118(1) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी खतरनाक हथियार, आग, विस्फोटक पदार्थ, जहर या दूसरे खतरनाक तरीकों से किसी दूसरे व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है, तो उसे कड़ी सजा हो सकती है। इसमें उम्रकैद और जुर्माना हो सकता है। यह एक गैर-जमानती अपराध है, और जमानत सिर्फ सेशन कोर्ट से ही मिल सकती है।
कांस्टेबल अजनेश कुमार ERV पर तैनात हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि सोमवार शाम करीब 4 बजे उन्हें कॉल आया कि सेक्टर 24 के पास कालकाजी लुब्रिकेंट और शिव स्टील फैक्ट्री में आग लग गई है। जब वे मौके पर पहुंचे तो फायर ब्रिगेड पहले ही आ चुकी थी। इसी बीच शिव स्टील फैक्ट्री में धमाका हुआ, जिससे एक दीवार गिर गई।
आग बगल की कालकाजी लुब्रिकेंट फैक्ट्री तक फैल गई। वहां रखे ज्वलनशील केमिकल के कई ड्रम फट गए। अजनेश कुमार के अलावा SPO अभिषेक, PSI रवि और मुजेसर और फायर ब्रिगेड के जवान भी झुलस गए।
कांस्टेबल अजनेश कुमार के मुताबिक, फैक्ट्री मालिक और मैनेजर को अच्छी तरह पता था कि ज्वलनशील पदार्थ से इंसानी जान को खतरा है, फिर भी उन्होंने बिना किसी सेफ्टी उपाय के इसे रखा। इससे कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। केस दर्ज कर लिया गया है। डिप्टी कमिश्नर आयुष सिन्हा ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।
घायलों को दिल्ली ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया
हादसे में ज़्यादातर घायल 10 से 20 परसेंट तक जल गए। उनका इलाज बादशाह खान हॉस्पिटल और शहर के दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है। उनमें से ज़्यादातर ICU में भर्ती हैं। आठ लोग 30 परसेंट या उससे ज़्यादा जल गए थे। डॉक्टरों ने उन्हें उसी रात दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
पुलिस ने उन्हें दिल्ली ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया और एम्बुलेंस भेजी गईं, पुलिस की एक गाड़ी एम्बुलेंस को चला रही थी। 20 से 30 मिनट में उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल ले जाया गया।
पुलिस ने फैक्ट्री की सड़क बंद कर दी
सोमवार को जिस फैक्ट्री में आग लगी थी, उसके बाहर सड़क पर बड़ी मात्रा में केमिकल बिखरे हुए थे। ये केमिकल आग पकड़ने वाले होते हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और सड़क बंद कर दी। गाड़ियों और लोगों को इलाके में आने से रोक दिया गया। मौके पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए।
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