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अमेरिका-ईरान के बीच जेनेवा में दूसरे दौर की परमाणु वार्ता
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। युद्ध की गहराती आशंका के बीच अमेरिका और ईरान ने मंगलवार को यहां दूसरे दौर की परमाणु वार्ता की। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक बातचीत हुई।
तनाव दूर करने के इन कूटनीतिक प्रयासों के बीच एक तरफ जहां अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने सैन्य जमावड़े को बढ़ा रहा तो वहीं ईरान भी सैन्य अभ्यास में जुट गया है।
ईरान ने लाइव फायर ड्रिल के मद्देनजर होर्मुज स्ट्रेट को कुछ घंटे के लिए बंद करने की बात कही है। इधर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी कि उनकी सरकार को हटाने की अमेरिकी कोशिशें नाकाम हो जाएंगी।
जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के कुछ हिस्से को सुरक्षा कारणों से कुछ घंटे के लिए बंद करने की जानकारी दी।
अमेरिका-ईरान के बीच जेनेवा में दूसरे दौर की परमाणु वार्ता
दुनिया के इस सबसे अहम तेल निर्यात रूट पर ईरान का शीर्ष सैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड सैन्य अभ्यास कर रहा है। तेहरान ने पूर्व में यह धमकी दी थी कि अगर उस पर हमला किया गया तो वह कमर्शियल शि¨पग के लिए होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देगा।
इस क्षेत्र से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। यह पहली बार है, जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के कुछ हिस्से को बंद किया है।
ईरानी न्यूज एजेंसी के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड की तरफ से ईरानी भूमि, तटों और द्वीपों से दागी गईं मिसाइलों ने होर्मुज स्ट्रेट में अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए बल प्रयोग की धमकी दे चुके हैं।
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह जेनेवा वार्ता में परोक्ष रूप से शामिल होंगे और उनका मानना है कि तेहरान समझौता करना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान की सत्ता में बदलाव की भी बात कही है।
रायटर के मुताबिक, अमेरिका के साथ वार्ता शुरू होने से कुछ समय पहले खामेनेई ने कहा कि वा¨शगटन उनकी सरकार को जबरन हटा नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति कहते हैं कि उनकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, लेकिन दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना को कभी इतना जोर से थप्पड़ मारा जा सकता है, जिससे वह उठ नहीं सकती।
ईरान ने इन मुद्दों पर साझा किया विवरण
रायटर के अनुसार, जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई। इसमें अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर ने हिस्सा लिया।
जबकि ईरान की तरफ से उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए। ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि वार्ता समाप्त हो गई है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, \“हमने प्रतिबंध हटाने और परमाणु मामले से जुड़े कुछ विवरण साझा किए हैं।\“ दोनों पक्षों के बीच इस महीने की शुरुआत में पहले दौर की परोक्ष वार्ता ओमान के मस्कट शहर में हुई थी।
दोनों देशों के बीच बढ़ गई है तनातनी
गत जनवरी में देशभर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिका के साथ तनातनी बढ़ गई है और क्षेत्रीय युद्ध का अंदेशा जताया जा रहा है।
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ गई और कई युद्धपोत भेजे गए हैं। दो विमानवाहक पोतों की तैनाती के साथ ही पश्चिम एशिया में अमेरिका अपने सैन्य ठिकानों से हमले को लेकर सैन्य साजो-सामान की तैनाती कर रहा है। |
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