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प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, अमरोहा। अदालत ने बालक के साथ दुष्कर्म करने वाले युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में बंद है तथा उसे जमानत नहीं मिल सकी थी थी। अदालत ने जुर्माना की धनराशि से 80 प्रतिशत पीड़ित के स्वजन को देने का आदेश भी दिया है।
यह मामला हसनपुर के एक मुहल्ला का है। यहां रहने वाले मजदूर का 13 वर्षीय बेटा 30 अक्तूबर 2024 को अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश करने के बाद उसका पता नहीं चला। स्वजन ने पुलिस को सूचना देकर बेटे की तलाश शुरू कर दी थी। 31 अक्तूबर की सुबह बालक रहरा अड्डा बाईपास के निकट चाय की दुकान में आपत्तिजनक हालत में मिला था।
वहां पर दुकान स्वामी अब्दुल्ला भी था। लोगों की भीड़ जमा होती देख अब्दुल्ला फरार हो गया था। बालक ने स्वजन व पुलिस को घटनाक्रम बताया था। इस मामले में बालक के पिता की तहरीर पर अब्दुल्ला के विरुद्ध दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गिरफ्तारी के बाद से ही अब्दुल्ला जेल में बंद है तथा उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। अब इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पोक्सों एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी व आदिल अली पैरवी कर रहे थे।
पीडित के बयान व मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए मंगलवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए अब्दुल्ला को दोषी करार दिया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने अब्दुल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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