सांकेतिक तस्वीर
आशीष झा, रांची। ग्रामीण विकास विभाग में सरकारी कर्मियों के लिए पूर्वी भारत का पहला एआइ प्रशिक्षण केंद्र बदलाव की नई कहानी बयां कर रहा है। कभी कंप्यूटर देखकर बिदकने वाले सरकारी बाबू अब कंप्यूटर के माध्यम से ही आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (एआइ) का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
भारत सरकार के निर्देश पर राज्य में तैनात भारतीय प्रशासनिक फेलो विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में संचालित एआइ सेल में कर्मियों को तीन पालियों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मियों की कार्यकुशलता में सकारात्मक परिवर्तन लाना और भविष्य के बदलावों को लेकर सतर्क रहना है।
सिंगापुर में पले, बढ़े और नौकरी कर चुके विनोद पांडेय को झारखंड में कर्मियों के बीच नई तकनीक को समझाने और पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल वे ग्रामीण विकास विभाग में एआइ सपोर्ट सेल के लिए ट्रेनिंग कोर्डिनेटर बनाए गए हैं।
पांडेय नियमित तौर पर तीन पालियों में कर्मियों को एआइ का प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में सभी को कंप्यूटर ज्ञान को बढ़ाने में मदद की जा रही है। आनेवाले समय में विभागीय कार्यों में भी एआइ का हस्तक्षेप दिखेगा।
कंप्यूटर में दक्षता हासिल करने के बाद कर्मी सरकारी दस्तावेजों को बाहरी हमले से बचा सकेंगे। आनेवाले समय में विभागीय कार्यों में भी एआइ की मदद लेने की योजना है ताकि कार्यों के संपादन में तेजी आए और गड़बड़ियां न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए। ग्रामीण विकास विभाग के बाद दूसरे विभागों में भी इसके लिए प्रशिक्षण देने की तैयारी है। |
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