अनुगुल बाल सुधार व निगरानी गृह की सुरक्षा फिर बेनकाब
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा के अनुगुल स्थित बाल सुधार व निगरानी गृह से दो किशोरों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि घटना 14 फरवरी की है, लेकिन पुलिस द्वारा तलाशी अभियान शुरू किए जाने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ।
पुलिस के अनुसार दोनों किशोर शाम के समय परिसर से बाहर निकलने वाले एक नाले के छेद के जरिए भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही अनुगुल थाना पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया और अन्य जिलों के थानों को भी सतर्क कर दिया।
अनुगुल थाना के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार नायक ने बताया कि फरार किशोरों में से एक बालेश्वर जिले के ओपाड़ा का निवासी है, जिसे दुष्कर्म के आरोप में हिरासत में लिया गया था, जबकि दूसरा कटक जिले के टांगी क्षेत्र का रहने वाला है और उस पर चोरी का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्तमान में राज्य के लगभग 10 जिलों के 30 किशोर अनुगुल स्थित बाल सुधार व निगरानी गृह में रखे गए हैं। फरारी की घटना के बाद गृह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
राज्य में बाल सुधार व निगरानी गृहों से फरारी की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2023 में कटक स्थित एक विशेष गृह से तीन किशोर दीवार फांदकर भाग निकले थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग जिलों से पकड़ा गया था।
इसी तरह 2022 में बरहमपुर के बाल सुधार व निगरानी केंद्र से दो किशोर शौचालय की खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे। उन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए थे।
बार-बार सामने आ रही इन घटनाओं से निगरानी गृहों की संरचनात्मक खामियों और सुरक्षा में लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दीवारें ऊंची करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि मनोवैज्ञानिक परामर्श, पर्याप्त स्टाफ और निगरानी तंत्र को भी मजबूत करना आवश्यक है। |
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