भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट से वियरेबल डिवाइस चोरी के आरोप में दो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, मनीष नागर और आशीष महरिया, गिरफ्तार किए गए हैं। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट वेन्यू पर बेंगलुरु के एक स्टार्टअप से वियरेबल डिवाइस चोरी करने के आरोप में दो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष नागर और आशीष महरिया के रूप में हुई है, जिन्हें इवेंट में वीडियोग्राफी संभालने के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया था। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए AI वियरेबल डिवाइस बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों लोग वेन्यू से कुछ डिवाइस ले गए, उन्हें पेन ड्राइव समझकर और यह सोचकर कि वे पर्सनल इस्तेमाल के लिए उपयोगी हो सकते हैं। AI डिवाइस चोरी होने के संबंध में मंगलवार को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। FIR नियोसेपियन के को-फाउंडर और CEO धनंजय यादव की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। यादव ने आरोप लगाया था कि समिट के दौरान उनका AI-बेस्ड वियरेबल डिवाइस चोरी हो गया था।
पुलिस ने कहा कि वेन्यू से CCTV फुटेज की जांच की गई और टेक्निकल सर्विलांस लगाया गया, जिससे दोनों आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
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