CBI के पटना कार्यालय में की गई पूछताछ। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। नीट छात्रा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी विशेष जांच दल, संबंधित थाने की महिला दरोगा और छात्रा के परिवार वालों से पूछताछ कर चुकी है।
गुरुवार को कदमकुआं थाना के निलंबित दारोगा सह अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा को सीबीआई ने अपने दफ्तर बुलाकर करीब आधे घंटे तक सवाल किए।
जांच टीम ने निलंबित दारोगा से छात्रा की बेहोशी में बरामदगी के दिन से लेकर जांच में उनकी भूमिका तक की विस्तृत जानकारी ली।
छह फरवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली थी छात्रा
उल्लेखनीय है कि नीट छात्रा छह जनवरी को निजी गर्ल्स हास्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परंतु स्थिति बिगड़ता देख छात्रा को अगले ही दिन कदमकुआं थानांतर्गत आने वाले प्रभात मेमोरियल हास्पिटल में भर्ती करा दिया गया था।
सीबीआई ने पूछताछ के दौरान इसी संबंध में हेमंत झा से जानकारी मांगी कि उन्हें घटना की पहली सूचना किस माध्यम से और कितने बजे प्राप्त हुई।
चित्रगुप्त नगर थाने से समन्वय के लिए उनके स्तर पर क्या प्रयास किए गए। पूरे प्रकरण में थाना ने पहली बार केस कब फाइल किया। जांच के दौरान किन लोगों से पूछताछ की गई और उनके बयान क्या थे?
ना-नुकुर करते रहे पुलिस अधिकारी
सूत्रों की माने तो अधिकांश सवालों के जवाब में थानाध्यक्ष न-नुकुर करते रहे या फिर मुझे ठीक से जानकारी नहीं बोलते रहे।
यहां बता दें कि आरोप हैं कि घटना की जानकारी प्राप्त होने पर थाने ने इसका गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया। मामला बढ़ा तो परिवार का बयान लेने के बाद मामले में चित्रगुप्त नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसी मामले में हेमंत झा को निलंबित किया गया था। आज की पूछताछ के जरिये सीबीआइ पूरी कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
बता दें कि इस मामले में चित्रगुप्त नगर थाने की प्रभारी रोशनी कुमारी के साथ ही कदमकुआं थाना के तत्कालीन प्रभारी रहे शंकर झा को भी प्रारंभिक जांच में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।
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