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जागरण संवाददाता, रांची। नगर निगम चुनावी प्रचार के दौरान बज रहे लाउडस्पीकरों का शोर इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रचार वाहन और सभाओं में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों का कहना है कि देर रात तक शोर रहने से बच्चों का एकाग्र होकर पढ़ पाना मुश्किल हो गया है। कांके रोड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि मेरा बेटा इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी कर रहा है, लेकिन कई बार रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बजते रहते हैं।
दिनभर ऊंची आवाज में प्रचार होता रहता है। कई बार समझाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। वहीं, बरियातू क्षेत्र की रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि बच्ची मैट्रिक की छात्रा है। परीक्षा के समय इस तरह का शोर मानसिक तनाव बढ़ा रहा है।
चुनावी प्रचार का शोर पढ़ाई में बाधा
इसी तरह डोरंडा इलाके के एक अन्य अभिभावक ने बताया कि दिन में स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और शाम-रात के समय पढ़ाई का ही सहारा होता है, लेकिन चुनावी प्रचार का शोर पढ़ाई में बाधा बन रहा है। अभिभावकों ने प्रशासन से सख्ती से नियम लागू करने की मांग की है।
फिलहाल राज्य में झारखंड एकेडमिक काउंसिल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। दिन के समय स्कूलों में भी परीक्षा आयोजित की जा रही है, ऐसे में शांति और अनुशासन की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
राच 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लाउडस्पीकर का उपयोग केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सहयोग करें, ताकि परीक्षा के इस महत्वपूर्ण समय में बच्चों को शांत माहौल मिल सके। |