जागरण संवाददाता, अयोध्या। फैजाबाद बार एसोसिएशन का करीब पौने पांच करोड़ रुपये की बजट बैठक बुधवार को शुरू होकर दो दिन तक चली।
कई दिनों से परिसर में एजेंडा प्रसारित होने के बाद आयोजित इस बैठक में भवन विकास, सुविधाओं के विस्तार, आय बढ़ाने के उपाय, पेंशन योजना, कन्याधन योजना को मजबूत करने सहित अधिवक्ताओं के हित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने जबकि संचालन मंत्री शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने किया। कार्यकारिणी द्वारा तैयार प्रस्तावित कार्ययोजना का मसौदा सदन में प्रस्तुत किया गया, जिस पर विस्तार से मंथन हुआ। कुछ प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, जबकि कुछ विषयों को आगे के लिए स्थगित कर दिया गया।
बार अध्यक्ष ने बताया कि सदन ने आचार्य नरेंद्रदेव सभागार में नई मेज व कुर्सियों के निर्माण तथा बैठकों के लिए फाइबर कुर्सियों की खरीद पर सहमति प्रदान की। तकनीकी व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए चंदा जमा करने की प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षा के दृष्टिगत कचहरी परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, आवश्यक सूचना के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र तथा आपात स्थिति में सायरन की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई।
अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य व आकस्मिक निधन की स्थिति में स्वजन को राहत देने हेतु ईएमआरएफ की राशि एक लाख से बढ़ा कर दो लाख रुपये तथा मरणोपरांत एसएमआरएफ राशि पांच लाख से बढ़ा कर सात लाख रुपये कर दी गई।
इस निर्णय का रामशंकर यादव, संजीव दुबे, राजकपूर सिंह, सौरभ मिश्र सहित अनेक अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। पुत्री विवाह सहायता राशि 21 हजार से बढ़ा कर 31 हजार रुपये कर दी गई, जबकि वकालतनामा शुल्क 300 से बढ़ा कर 500 रुपये किया गया।
सामूहिक बीमा योजना और अधिवक्ताओं को पेंशन देने के विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए नई कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर आगे की कार्रवाई के लिए सहमति दी गई। हालांकि अधिवक्ता कैंटीन व पुराने शेड की मरम्मत के प्रस्ताव पारित नहीं हो सके।
बैठक के दौरान माहौल कई बार हंगामेदार भी रहा। बैठक में पूर्व अध्यक्ष सूर्यनारायण सिंह, विजय बहादुर सिंह, विपिन मिश्र, दिनेश सिंह, सुनील सिंह, राजेश यादव, सोमनाथ तिवारी, अखिलेश पाल, कर्मवीर सिंह, सूर्यलाल रावत समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
मिली अन्य विषयों को स्वीकृति
बार अध्यक्ष ने बताया कि वकालतखाना व चैंबरों की साफ-सफाई व देखरेख के लिए चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एक क्लीनर तथा कार्यालय कार्य हेतु एक स्टेनो की नियुक्ति का प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं चैंबर किराया बढ़ा कर 100 रुपये कर दिया गया।
यह बजट पूरी तरह अधिवक्ता हित को समर्पित है और इससे संघ को नई दिशा मिलेगी। जल्द ही अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा योजना भी लायी जाएगी।
शैलेंद्र कुमार जायसवाल, मंत्री, फैजाबाद बार एसोसिएशन
केंद्र व राज्य सरकार के बजट में अधिवक्ताओं के लिए विशेष प्रविधान कभी नहीं किया गया। इसलिए हम अपने बजट के माध्यम से अधिवक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी अन्य पर निर्भर न रहना पड़े।
कालिका प्रसाद मिश्र, अध्यक्ष, फैजाबाद बार एसोसिएशन
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