जूतों के अंदर मोबाइल फोन या इलेक्ट्रानिक उपकरणों को छिपाने से रोकना उद्देश्य (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ने आगामी ग्रुप सी और ग्रुप डी भर्ती परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों के अंदर बंद जूतों के बजाय चप्पल या सैंडल पहनने का निर्देश दिया है। राज्य भर में लिखित परीक्षाएं एक मार्च और आठ मार्च को आयोजित की जाएंगी।
एसएससी के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने बताया कि ढके हुए जूते पहनने से तलाशी लेना मुश्किल हो जाएगा और इससे अनुचित प्रथाओं को रोकने के प्रयासों में बाधा आ सकती है। मजूमदार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जूतों के अंदर मोबाइल फोन या इलेक्ट्रानिक उपकरणों को छिपाने से रोकना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
एसएससी के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय बोर्ड परीक्षाओं के दौरान हाल ही में हुई उन घटनाओं के बाद लिया गया है, जिनमें उम्मीदवारों ने कथित तौर पर जूतों में उपकरण छिपाए थे और प्रश्नों के उत्तर देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का इस्तेमाल किया था।
आयोग ने प्रवेश कक्षों के भीतर आभूषण और धातु की वस्तुओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। केवल पारदर्शी पेन और पानी की बोतलें ही ले जाने की अनुमति होगी, जबकि कलाई घडिय़ों पर सख्त प्रतिबंध है। प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने वाले उम्मीदवारों को केंद्रों में प्रवेश करने से पहले उन्हें निर्धारित काउंटरों पर जमा करना होगा।
उम्मीदवारों ने की आलोचना
प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पाए जाने वाले किसी भी उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद कर दी जाएगी। जूते-चप्पल संबंधी निर्देश की कुछ उम्मीदवारों, विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों ने आलोचना की है, जिन्होंने केंद्रों के बाहर चप्पल पहनने और जूते-चप्पल संभालने में होने वाली असुविधा का हवाला दिया है।
आयोग को ग्रुप सी परीक्षा के लिए 8.13 लाख से अधिक उम्मीदवारों और ग्रुप डी के लिए लगभग 8.20 लाख उम्मीदवारों की उम्मीद है, जिसके लिए राज्य भर में लगभग 1,700 केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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