प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहरवासियों को नामांतरण शुल्क लागू होने के बाद 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पर महज 10 हजार रुपये ही नामांतरण शुल्क देना पड़ेगा। वर्तमान में भवन संपत्ति की कुल कीमत का 0.5 प्रतिशत शुल्क जमा करना पड़ता है। नगर निगम की ओर से नामांतर शुल्क लागू में दो माह का समय लग सकता है। गवर्नमेंट प्रेस में गजट के लिए निगम की ओर से भेज गए दस्तावेजाें में कुछ कमी के कारण गजट प्रकाशित होने में देरी हो रही है।
सभी निकायों में एक समान नामांतरण शुल्क लागू होगा
जन सुविधाओं को देखते हुए सरकार ने सभी निकायों में एक समान नामांतरण शुल्क लागू करने का निर्देश कई माह पहले ही दिया गया था। हालांकि अलग-अलग कारण से प्रयागराज यह में लागू नहीं हो सका। नगर निगम सदन के पटल पर इस प्रस्ताव को पास कर करने के बाद।एक समान नामांतरण शुल्क लागू किए जाने के संबंध में मांगी गई आपत्तियों का निस्तारण नवंबर में किया जा चुका है।
देरी का कारण जान लें
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम सदन में पास संकल्प पत्र की प्रतिलिपि के अलावा अन्य दो दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराया गया है, जिस कारण से गजट प्रकाशित होने में देरी हो रही है। दोबारा सारे दस्तावेज निगम गवर्नमेंट प्रेस को उपलब्ध करा दिया गया है। एक माह में गजट प्रकाशित हो जाएगा।
पूर्व में भवन संपत्ति खरीदने वालों को लाभ मुश्किल
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र का कहना हे कि कुछ दस्तावेजों में कमी के कारण गजट जारी होने विलंब हो रहा है। दस्तावेजों को दोबारा गवर्नमेंट प्रेस को उपलब्ध करा दिया गया है। जल्द ही गजट जारी होने के बाद शहर के लोगों को एक समान नामांतरण शुल्क का लाभ मिलने लगेगा। हालांकि गजट जारी होने के पहले जो लोग भवन संपत्ति खरीद चुके हैं, उनको इसका लाभ मिलना कठिन होगा।
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