SC ग्रुप A, B अधिकारियों को पदोन्नति में आरक्षण पर रोक (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अनुसूचित जाति से संबंधित ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों को प्रमोशन में 20 प्रतिशत आरक्षण के लिए अभी इंतजार करना होगा। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है।
हरियाणा विधानसभा में सोमवार को सढौरा की विधायक रेनू बाला ने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सवाल पूछा। विधायक ने इस मुद्दे बनी पॉलिसी को लेकर लिए गए फैसले की जानकारी भी मांगी।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री नायब सैनी के हवाले से कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सदन में बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के अधिकारियों व कर्मचारयों को पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए सात अक्टूबर 2023 को आदेश जारी किए गए थे। उस नीति को सीडब्ल्यूपी संख्या 24608/2023 कमलजीत सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
एक अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए निर्देश दिए कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने से पूर्व क्रीमीलेयर के सिद्धांत का अनुपालन करना सुनिश्चित करे। कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा सरकार इस मामले में विचार कर रही हैं कि अब इसमें अपील दायर की जाए अथवा या नहीं। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा पहले से ही निर्देशों के तहत ग्रुप-डी ग्रुप-व सी के पदों पर पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रही है।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विधायक ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को न तो एक साल में लागू किया गया है और न ही अगली याचिका दायर हुई है। कर्मचारी व अधिकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस बीच कई अधिकारी व कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कैबिनेट मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार इस बारे में जल्द बैठक करके अगला फैसला करेगी। तत्काल प्रभाव से इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। |
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