डीसी को सौंपेगे मांग पत्र। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 26 फरवरी को राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के कर्मचारी भी लामबंद हो गए हैं। सर्व कर्मचारी संघ ने जिला कार्यकारिणी ने बैठक कर रणनीति तैयार की है, जिसके तहत इस दिन प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
भट्टू रोड स्थित कार्यालय में जिला प्रधान सुरजीत दुसाद की अध्यक्षता में जिला कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई। बैठक का संचालन जिला सचिव रामनिवास शर्मा ने किया। बैठक में जिला के विभिन्न ब्लाकों के पदाधिकारियों ने शिरकत की और सरकार की जनता व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान सुरजीत दुसाद ने कहा कि सरकार जनता और कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम, ठेका प्रथा और गेस्ट टीचर व्यवस्था को समाप्त कर सभी अनुबंध कर्मियों को पक्का किया जाए।
नई पेंशन स्कीम को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को तुरंत बहाल किया जाए। बिजली बिल 2025, स्मार्ट मीटर योजना और रोड सेफ्टी बिल को वापस लिया जाए। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और विभागों की डाउनसाइजिंग पर रोक लगे। आठवें वेतन आयोग का गठन हो और हर पांच साल में वेतन संशोधन सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही 5 हजार या मूल वेतन का 10 प्रतिशत अंतरिम राहत दी जाए। कच्चे और पक्के सहित सभी कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा अनिवार्य रूप से लागू हो। चिराग योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेकर शिक्षा बजट को दोगुना किया जाए।
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कर्मचारी नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें इंद्र घासी, नरेश वर्मा भूना, जगजीत मुंडाही जाखल, विजय ढाका, मलकीत सिंह रतिया, सुरेश कुमार फतेहाबाद, प्रेम चन्द कैशियर, विरेन्द्र कुमार बेनीवाल भूना, कृष्ण जाखड़, रमेश तुषामड़, राजपाल मिताथल सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। जिला सचिव रामनिवास शर्मा ने कहा कि यदि 26 फरवरी के ज्ञापन के बाद भी सरकार ने सुध नहीं ली, तो कर्मचारी राज्यव्यापी बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।  |