जनगणना और एसआइआर को अभी से कर्मचारियों की होनी है तैनाती. Concept Photo
राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में इस वर्ष कार्मिकों के स्थानांतरण पर ब्रेक लग सकता है। अप्रैल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और जनगणना के तहत आवासीय गणना का कार्य होना है। इसके लिए कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाना है।
ऐसे में अप्रैल से शुरू होने वाले स्थानांतरण सत्र के दौरान इन कार्यों से जुड़े कार्मिक स्थानांतरण के दायरे में आते हैं तो कार्य प्रभावित हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से ऐसे कार्मिकों के स्थानांतरण पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। इस अनुरोध को माना गया तो वार्षिक स्थानांतरण पर रोक लग जाएगी।
प्रदेश में अप्रैल से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) शुरू होने की संभावना है। इसके मद्देनजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्री-एसआइआर की प्रक्रिया पहले ही पूरी करा ली है। इस चरण में लगभग 12 हजार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) भाग लेकर प्रशिक्षण और प्रक्रियागत जानकारी हासिल कर रहे हैं। ये कर्मचारी प्री-एसआइआर की प्रक्रिया में भी लगे हैं। वर्तमान में राज्य में 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जहां बीएलओ तैनात हैं।
इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। एसआइआर के दौरान सभी बूथों पर तैनात कार्मिकों सहित 12 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। यह प्रक्रिया लगभग एक माह तक चलने का अनुमान है। हालांकि तिथियों की औपचारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
इसी वर्ष जनगणना का पहला चरण भी प्रस्तावित है। संभावित कार्यक्रम के अनुसार 25 अप्रैल से 24 मई तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य कराया जा सकता है। इसके लिए भी 30 हजार से अधिक कर्मचारियों की जरूरत होगी। जनगणना कार्य निदेशालय ने रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों से कार्मिकों की सूची मांगी है। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य के चार पर्वतीय जिलों में सितंबर अथवा अक्टूबर में विशेष जनगणना भी प्रस्तावित है।
सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी पत्र पर चर्चा हुई है। इस पर जल्द निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- EVM से बैलेट पेपर और SIR तक... चुनाव आयोग और राज्यों के बीच महामंथन; किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
यह भी पढ़ें- SIR in UP: एक ही संतान पर छह पिता का दावा, नोटिस देख चकरा रहे मतदाता  |
|