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विधानपार्षद की जमीन विवाद पर सदन में हंगामा, उपमुख्यमंत्री ने डीएम से 10 दिन में मांगी रिपोर्ट

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उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा



राज्य ब्यूरो, पटना। बुधवार को बिहार विधान परिषद में जमीन विवाद का मामला जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस के विधानपार्षद समीर कुमार सिंह ने अपनी जमीन से जुड़े विवाद को सदन में रखा। करीब डेढ़ दर्जन सदस्यों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। समीर कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि एक बड़े नेता का नाम लेकर उन्हें और अमीन को धमकाया गया। उन्होंने कहा कि जान से मारने की धमकी तक दी जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि परिवार जमीन छोड़ देने की सलाह दे रहा है।
मुंगेर के टेटिया बंबर अंचल का मामला

यह विवाद मुंगेर जिला के टेटिया बंबर अंचल अंतर्गत देवरिया मौजा का है। विधानपार्षद ने बताया कि जमीन की मापी को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। सदन में कई सदस्यों ने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
उपमुख्यमंत्री का सख्त संदेश

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को जमीन की मापी कर भूस्थल चिन्हित कर दिया गया है। सरकार स्तर से आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि कोई कितना भी बड़ा या प्रभावशाली व्यक्ति हो, कार्रवाई होगी।

उन्होंने दो टूक कहा कि हर हाल में कानून का राज स्थापित किया जाएगा। प्रधान सचिव को निर्देशित कर अपर सचिव से जांच कराने की बात कही गई। साथ ही स्थानीय डीएम और कमिश्नर से 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश

मंत्री ने विधानपार्षद को लिखित आवेदन देने की सलाह दी। ताकि प्रशासन की ओर से उनकी सुरक्षा बढ़ाई जा सके। सरकार ने संकेत दिया कि किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। सदन में इस आश्वासन के बाद माहौल कुछ शांत हुआ। मामले की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जाएगी।
जमीन माफिया पर सैटेलाइट निगरानी

इसी दौरान सच्चिदानंद राय के अल्पसूचित प्रश्न का भी जवाब दिया गया। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सोनपुर और सारण क्षेत्र में जमीन माफिया पर नजर रखी जा रही है।

इसके लिए सैटेलाइट मैपिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। अगर प्लॉटिंग या खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़ा पाया गया तो मुख्यालय से टीम भेजी जाएगी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि जमीन माफिया पर सख्ती जारी रहेगी। राजस्व विभाग ने अवैध कब्जे और फर्जी रजिस्ट्री के खिलाफ अभियान तेज करने का संकेत दिया।   
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