Forest Fire Summer: जंगल में लगी आग से वन्यजीवों और पर्यावरण पर खतरा बढ़ गया है। यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।
संवाद सहयोगी, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Wildlife Affected Bihar: गर्मी की शुरुआत होते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों में अगलगी की घटनाएं तेज हो गई हैं। बीते दो दिनों में जंगल में लगी आग से वन्यजीवों और पर्यावरण पर खतरा बढ़ गया है।
दो एकड़ जंगल क्षेत्र जलकर राख
मंगलवार और बुधवार की रात मदनपुर वन क्षेत्र के दिल्ली कैंप और पीलीभीत के समीप असामाजिक तत्वों द्वारा जंगल के बीच आग लगाए जाने की सूचना है। सूखे पत्तों और घास में लगी आग तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई, जिससे लगभग दो एकड़ जंगल क्षेत्र जलकर राख हो गया।
वन विभाग की टीम पहुंची
आग की तेज लपटों और धुएं से जंगल में रहने वाले हिरण, सांभर, चीतल, बंदर, खरगोश और मोर सहित कई वन्यजीव घबराकर सुरक्षित इलाकों की ओर भागते नजर आए। स्थिति की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वन विभाग द्वारा कुछ दिन पहले करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में फायर लाइन का निर्माण कराया गया था, बावजूद इसके आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार हो रही अगलगी से वन्यजीवों के साथ-साथ जैव विविधता को भी नुकसान पहुंच रहा है।
फायर वाचर की तैनाती
सीएफ गौरव ओझा ने बताया कि वीटीआर के जंगलों को आग से बचाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। आग पर काबू पाने के लिए फायर वाचर की तैनाती की गई है और गटोर मशीन सहित अन्य संसाधन भी तैयार रखे गए हैं। साथ ही जंगल के आसपास बसे लोगों को जागरूक करने के लिए इको विकास समिति के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं, ताकि आग लगने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर भी सहयोग मिल सके।
लोगों से सहयोग की अपील
वन विभाग का कहना है कि अभी आग लगने का मुख्य मौसम नहीं है, इसके बावजूद घटनाएं सामने आ रही हैं, जो चिंता का विषय है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल में आग लगाने या लापरवाही से आग फैलने वाली गतिविधियों से बचें, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा की रक्षा की जा सके।  |