नोएडा में रची गई विक्रम शर्मा हत्याकांड की साजिश, जमशेदपुर के पांच शूटरों पर इनाम।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। उत्तराखंड के बहुचर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में जमशेदपुर का कनेक्शन और गहरा गया है। हत्या की साजिश रचने के लिए शूटरों ने नोएडा में 20 हजार रुपये महीने पर फ्लैट किराये पर लिया था, जहां छह महीने तक रहकर रेकी की गई।
इधर, फरार आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड एसटीएफ की टीम जमशेदपुर के मानगो, ओलीडीह, बागबेड़ा और जुगसलाई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है।
देहरादून पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल जमशेदपुर के पांच आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। एसटीएफ की टीम बागबेड़ा के अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज सिंह और मानगो ओलीडीह के जितेंद्र कुमार साहू की तलाश में जुटी है।
हाल ही में नोएडा से गिरफ्तार जुगसलाई निवासी छात्र मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अक्षत के पिता प्रभाष ठाकुर जुगसलाई के एमई स्कूल रोड स्थित बाबा बड़ौदा अपार्टमेंट में रहते हैं।
पूछताछ में पता चला है कि विक्रम शर्मा की हत्या की पटकथा छह महीने पहले ही लिख दी गई थी। शूटरों ने ग्रेटर नोएडा में रहने और रेकी करने के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये के किराये पर एक फ्लैट लिया था।
यह फ्लैट फरार आरोपी अंकित वर्मा के नाम पर फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर लिया गया था। शूटरों को विक्रम के ग्रेटर नोएडा आने-जाने की भनक तो थी, लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी। इसी कारण वे लंबे समय तक वहां घात लगाकर बैठे रहे।
13 फरवरी को देहरादून के सिल्वरसिटी माल में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपराधी जिस स्कार्पियो (वाहन) से हरिद्वार की ओर भागे थे, वह भी जमशेदपुर की ही है।
जांच में पता चला है कि यह स्कार्पियो बागबेड़ा गाराबासा निवासी राजकुमार सिंह के पुत्र यशराज सिंह के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने इस वाहन को ग्रेटर नोएडा के अल्फा-दो अपार्टमेंट से बरामद किया है, जहां से अक्षत ठाकुर की गिरफ्तारी हुई थी।
उत्तराखंड एसटीएफ स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के संदिग्ध ठिकानों को खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन अपराधियों के तार शहर के बड़े गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।
फरार आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उनके छिपने के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इनाम घोषित सभी शूटर कानून की गिरफ्त में होंगे।
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