प्रतापगढ़ में जेठवारा पुलिस की गिरफ्त में मतांतरण के इनामी आरोपित। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। मध्य प्रदेश के युवक को झांसा देकर जनपद के डेरवा आकर बंधक बनाने, उसका मतांतरण कराने वाले आरोपितों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। फरार चल रहे तीन इनामी आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक को पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है। अब अज्ञात आरोपितों की भी तलाश की जा रही है।
चंगुल से छूटकर पुलिस को युवक ने बताई थी व्यथा
मध्य प्रदेश के सागर जिले के पथरिया निवासी संतोष शुक्ला को कुटिलिया जेठवारा निवासी बदरुल जमा ने अपने पास 10 साल तक बंधक रखा। उससे गुलामों की तरह मजदूरी कराते रहे। उसे घर नहीं जाने देते थे। बोलने पर पीटते भी थे व कलमा पढ़वाते थे। 22 फरवरी को किसी तरह संतोष उनकी पकड़ से निकल भागा और डेरवा चौकी में अपनी व्यथा बताई थी।
संतोष शुक्ला से शेर खान हो गया था
पीड़ित युवक संतोष शुक्ला ने पुलिस को बताया था कि वह बचपन से वह परिवार से अलग रह रहा था और करीब 10 वर्षों से आरोपितों के यहां फंसा था। उसे प्रताड़ित करने वाले बदरुल जमा, कल्लू, नईम, निजाम तथा पांच-छह अन्य लोगों ने उसका मतांतरण कर नाम बदलकर शेर खान रख दिया था। पुलिस संतोष की तहरीर पर आरोपितों पर केस दर्ज करके दबिश दे रही थी।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने सबसे पहले बदरुल को पकड़ा। इसके बाद मामले में फरार चल रहे तीन आरोपितों मौलवी निजामुद्दीन उर्फ निजाम, सफीउज्जमा उर्फ कल्लू, और नईमुद्दीन उर्फ नईम निवासी कुटिलिया पर एसपी दीपक भूकर ने 25-25 हजार का इनाम घोषित किया।
अज्ञात आरोपितों के शिनाख्त का प्रयास
जेठवारा थाना प्रभारी विजयकांत सत्यार्थी, स्वाट प्रभारी अमित कुमार चौरसिया व सर्विलांस टीम ने संयुक्त दबिश देकर तीनों को डेरवा के तांत्रिक चौराहे से गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि अन्य नामजद व अज्ञात आरोपितों की शिनाख्त करने का प्रयास जारी है।  |