search

चार हफ्तों की तेजी के बाद इस सप्ताह सेंसेक्स ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 31

मुंबई, लगातार चार सप्ताह की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार इस सप्ताह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
  इस सप्ताह के दौरान निफ्टी 0.26 प्रतिशत फिसला, हालांकि आखिरी कारोबारी दिन इसमें 1.02 प्रतिशत की तेजी आई और यह 24,206 अंक पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स शुक्रवार को 827 अंक (1.08 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,569 अंक पर बंद हुआ। इसके बावजूद पूरे सप्ताह में सेंसेक्स 0.25 प्रतिशत कमजोर रहा।




  पूरे सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ हुई, लेकिन बाद में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल बन गया, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। हालांकि, बाजार में यह गिरावट ज्यादा समय तक नहीं रही।
  एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए बैंकिंग और आईटी कंपनियों के बेहतर कारोबारी अपडेट आने से निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ और आगामी तिमाही नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल बना।




  सप्ताह के दूसरे हिस्से में भारतीय शेयर बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली, जिसकी प्रमुख वजह कच्चे तेल की कीमतों का करीब 76 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 71-72 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आना, वैश्विक टेक शेयरों में सुधार और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर बढ़ी उम्मीदें रहीं।
  विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई (कॉरपोरेट अर्निंग्स) को लेकर भरोसा और मजबूत होगा। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश भी बढ़ सकता है।




  एफआईआई सप्ताह के अधिकांश कारोबारी सत्रों में शुद्ध खरीदार (नेट बायर्स) रहे। वहीं पूरे सप्ताह के दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,670 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया।
  सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल एस्टेट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं मीडिया, एफएमसीजी और केमिकल सेक्टर दबाव में रहे।
  इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल शेयरों में खरीदारी से इन दोनों श्रेणियों को मजबूती मिली।




  सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप-100 में 1.36 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 1.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
  बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) का स्तर रहेगा, जबकि 24,100 तत्काल समर्थन (इमीडिएट सपोर्ट) के रूप में देखा जा रहा है, जिसके बाद 24,000 अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर होगा।
  वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,800-57,700 का दायरा अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 58,200-58,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

  आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों, भारत के महंगाई के आंकड़ों, अमेरिका के कोर महंगाई डेटा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर रहेगी।
  एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, हालिया एफओएमसी बैठक के सख्त रुख के बावजूद अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन में महंगाई का दबाव कम हो रहा है और आर्थिक वृद्धि भी धीमी पड़ रही है। ऐसे में उम्मीद बढ़ रही है कि आने वाले समय में प्रमुख केंद्रीय बैंक अपेक्षाकृत नरम मौद्रिक नीति अपना सकते हैं।






DB Desk



Sensex and Niftysaw a marginal declinethis week after a four-week rallybusiness newsshare markit









Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

No related threads available.

deltin55

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

12

Posts

1510K

Credits

administrator

Credits
152476