तेहरान/मॉस्को/बीजिंग: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक रूसी विशेष विमान की उड़ान ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, रूस का विशेष कमांड एयरक्राफ्ट Tu-214PU सोमवार को मॉस्को से तेहरान पहुंचा और कुछ घंटों बाद वहां से चीन की राजधानी बीजिंग के लिए रवाना हो गया। विमान की इस असामान्य उड़ान के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जाने लगा कि ईरान के वरिष्ठ नेता मुज्तबा खामेनेई संभवतः तेहरान से बीजिंग चले गए हैं।हालांकि, इस दावे की किसी भी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। न तो ईरान, न रूस और न ही चीन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों से बढ़ीं अटकलें
विमान की उड़ान संबंधी जानकारी Flightradar24 पर दर्ज होने के बाद इस पर चर्चा तेज हो गई। Tu-214PU को रूस का विशेष सरकारी और कमांड विमान माना जाता है, जिसका उपयोग उच्चस्तरीय सरकारी यात्राओं और आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाता है। हालांकि, विमान के तेहरान से बीजिंग जाने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसमें कौन सवार था। विमान के यात्रियों या मिशन के उद्देश्य की कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
Tu-214PU क्यों माना जाता है खास?
Tu-214PU रूस के विशेष सरकारी विमानों में शामिल है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इसे सुरक्षित संचार और उच्चस्तरीय सरकारी संचालन के लिए तैयार किया गया है। इसे संकट या युद्ध जैसी परिस्थितियों में कमांड एवं कंट्रोल प्लेटफॉर्म के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बावजूद, विमान की क्षमताओं और उसके मिशन से जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं होतीं। इसलिए इस उड़ान के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।
मुज्तबा खामेनेई को लेकर क्यों लग रहे हैं कयास?
मुज्तबा खामेनेई को लेकर कई तरह की अटकलें पहले से चल रही हैं। हाल के महीनों में उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बेहद सीमित रही है, जिसके कारण उनके स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर तरह-तरह के दावे सामने आते रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्हें पहले इलाज के लिए रूस ले जाया गया था, लेकिन इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी वजह से रूसी विमान की ताजा उड़ान के बाद सोशल मीडिया पर नए कयास शुरू हो गए।
ट्रंप के दावों पर भी नहीं हुई पुष्टि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचे को हालिया हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी अधिकारियों ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
चीन और ईरान के करीबी संबंध
चीन और ईरान के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग मजबूत हुआ है। ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के अलावा दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान के किसी वरिष्ठ नेता को विदेश में सुरक्षित स्थान की आवश्यकता होती, तो चीन संभावित विकल्पों में शामिल हो सकता है। हालांकि, यह केवल विश्लेषण है और मौजूदा मामले से जुड़ा कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल मुज्तबा खामेनेई के बीजिंग पहुंचने या रूस के विशेष विमान से यात्रा करने संबंधी दावों की पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी या विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत ने नहीं की है। इसलिए इन दावों को अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Editorial Team
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