नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने रॉकलैंड हॉस्पिटल्स लिमिटेड और अन्य के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 158.37 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने 31 जनवरी 2020 को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा दायर की गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी।
यह जांच रॉकलैंड हॉस्पिटल्स लिमिटेड के प्रमोटरों द्वारा सुनियोजित तरीके से धन की हेराफेरी से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी की जांच में पता चला कि रॉकलैंड हॉस्पिटल्स लिमिटेड के प्रमोटरों ने 71 कंपनियों का उपयोग करके फर्जी इंप्लांट बिल बनाकर 76.03 करोड़ रुपए की हेराफेरी की और अपनी सहयोगी कंपनी सोम्या कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड का उपयोग करके अस्पताल के निर्माण लागत को 82.34 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया।
जांच में आगे पता चला कि आरोपियों ने अवैध धन के स्रोत को छिपाने और उसे बेदाग दिखाने के लिए होटल में प्रवेश कराने वाले एजेंटों और फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया। उपरोक्त कार्यप्रणाली का उपयोग करके प्रमोटरों द्वारा अर्जित अपराध की कुल आय 158.37 करोड़ रुपए आंकी गई है। तदनुसार, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अपराध की आय के 'मूल्य' का प्रतिनिधित्व करने वाली संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है, जिनकी कीमत लगभग 158.37 करोड़ रुपए है।

Deshbandhu
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