search

संस्कृति से जुड़ाव धीमी कर सकता है शरीर की उ ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 0

नई दिल्ली, उम्र बढ़ना जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर एक जैसा नहीं पड़ता। कुछ लोग अपनी वास्तविक उम्र से ज्यादा स्वस्थ और सक्रिय नजर आते हैं, जबकि कुछ लोगों में उम्र का असर जल्दी दिखाई देने लगता है। वैज्ञानिक इसे फिजियोलॉजिकल एज, यानी शरीर की वास्तविक कार्यक्षमता से जुड़ी उम्र के रूप में देखते हैं। अब एक नई रिसर्च में सामने आया है कि सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहने वाले लोगों में शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।




  यह अध्ययन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है। जापान के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस टोक्यो के शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाने की कोशिश की कि क्या सिनेमा, म्यूजियम, थिएटर, कॉन्सर्ट या ओपेरा जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का संबंध शरीर की उम्र बढ़ने की गति से है।
  शोधकर्ताओं ने इंग्लैंड में चल रहे इंग्लिश लॉन्गिट्यूडिनल स्टडी ऑफ एजिंग के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें 50 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन में कुल 1,899 लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े आंकड़ों को देखा गया। इन प्रतिभागियों की जानकारी वर्ष 2004-05, 2006-07 और 2008-09 के दौरान अलग-अलग समय पर जुटाई गई थी।




  वैज्ञानिकों ने लोगों के शरीर से जुड़े 10 महत्वपूर्ण संकेतकों की जांच की। इनमें ब्लड प्रेशर, फेफड़ों की क्षमता, हीमोग्लोबिन स्तर, कोलेस्ट्रॉल, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), हाथों की पकड़ की ताकत और चलने की गति जैसी चीजें शामिल थीं। इन सभी मानकों के आधार पर लोगों की फिजियोलॉजिकल उम्र का अनुमान लगाया गया।
  इसके साथ ही लोगों से यह भी पूछा गया कि वे कितनी बार सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। इसमें सिनेमा जाना, म्यूजियम या आर्ट गैलरी जाना और थिएटर, कॉन्सर्ट या ओपेरा देखने जाना शामिल था। इन गतिविधियों के आधार पर एक सांस्कृतिक जुड़ाव स्कोर तैयार किया गया।




  रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों का सांस्कृतिक गतिविधियों से ज्यादा जुड़ाव था, उनकी फिजियोलॉजिकल उम्र औसतन 66.9 साल थी। वहीं कम सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने वाले लोगों की शारीरिक उम्र करीब 69.9 साल पाई गई, यानी दोनों समूहों के बीच लगभग तीन साल का अंतर देखा गया।
  शोधकर्ताओं के अनुसार, हर एक पॉइंट ज्यादा सांस्कृतिक जुड़ाव स्कोर शरीर की उम्र में लगभग 31 दिन की कमी से जुड़ा पाया गया। यह संबंध लोगों की आर्थिक स्थिति, रोजगार, आय और पुरानी बीमारियों जैसी कई चीजों को ध्यान में रखने के बाद भी बना रहा।




  विशेषज्ञों का मानना है कि सांस्कृतिक गतिविधियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये लोगों के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकती हैं। थिएटर, संगीत कार्यक्रम, कला प्रदर्शनियों या अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने से लोगों के सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं, अकेलापन कम हो सकता है और मानसिक तनाव घट सकता है। ये सभी चीजें शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
  हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन केवल संबंध दिखाता है, इससे यह साबित नहीं होता कि सांस्कृतिक गतिविधियां सीधे तौर पर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करती हैं। यह भी संभव है कि जो लोग पहले से ज्यादा स्वस्थ होते हैं, वे ही ऐसी गतिविधियों में अधिक भाग लेते हों।
  इसके बावजूद शोधकर्ताओं का कहना है कि सांस्कृतिक जुड़ाव एक ऐसी आदत है, जिसे बदला और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने इसे नियमित शारीरिक गतिविधि के प्रभाव के समान महत्वपूर्ण बताया।






Digital Desk



Healthcare









Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

No related threads available.

deltin55

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

12

Posts

1510K

Credits

administrator

Credits
154068