search

जर्मन चांसलर मैर्त्स की कैबिनेट में बड़े बद ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 41

जर्मनी का चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अपनी कैबिनेट के शीर्ष पदों में बदलाव किया है. कुछ प्रांतों में होने वाले चुनावों से पहले इन बदलावों को सरकार की छवि सुधार की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.  
फ्रीडरिष मैर्त्स को जर्मनी का चांसलर बने हुए अभी 15 महीने भी नहीं हुए हैं कि उन्हें कैबिनेट में बदलाव करना पड़ा है. शुक्रवार सुबह 70 साल के मैर्त्स ने इन बदलावों का एलान किया. मैर्त्स की पार्टी क्रिश्चन डेमोक्रैटिक यूनियन (CDU) के महासचिव कार्स्टन लिनेमान अब जर्मनी के नए स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं. वह नीना वारकन की जगह लेगें. लिनेमान को अब तक सरकारी पदों का अनुभव नहीं रहा है. लेकिन उन्हें एक जुझारू नेता माना जाता है. मैर्त्स ने उनके नाम का एलान करते हुए काफी हद तक अपने अपेक्षाएं भी व्यक्त कीं, "हमें सुधारों का माहौल जारी रखना होगा."  




नीना वारकन को अब चांसलर का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है. वारकन जर्मनी में इस पर पद पहुंचने वाली पहली महिला हैं. वारकन से पहले इस पद पर सीडीयू के कड़कमार्गी नेता येंस श्पान थे. लेकिन अमेरिका में सरोगैसी के चलते बच्चा पैदा करने की वजह से श्पान को भारी आलोचना के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. जर्मनी में सरोगैसी गैरकानूनी है.  
शुक्रवार को चांसलर मैर्त्स ने कहा, "लोगों का बदलाव एक स्पष्ट इरादे से किया गया है. हम एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो ज्यादा ताकत और आनंद के साथ काम करे और हमारे समाज की व राजनीति की लोक विविधता का प्रतिनिधित्व भी करे."  




प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारियां देते समय, मैर्त्स के साथ फिलिप आमथॉर भी थे. वह भी मंत्री बनाए गए है. आमथॉर 16 जर्मन राज्यों के साथ संघीय सरकार के रिश्तों को देखेंगे.  
जर्मन सरकार में अभी और बदलाव होंगे  
चासंलर ने निकट भविष्य में कैबिनेट में और बदलावों का एलान भी किया है. जर्मनी में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबार बिल्ड का कहना है कि आने वाले दिनों में परिवहन मंत्री पाट्रिक श्नाइडर इस्तीफा देंगे. रिपोर्टों के मुताबिक रेलवे नेटवर्क के अपग्रेड में हो रही लेटलतीफी के चलते श्नाइडर की कुर्सी जा सकती है. दो सूत्रों के मुताबिक, ट्रेनों की लेट लतीफी राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुकी है और मैर्त्स इसी वजह से नाखुश हैं. हालांकि शुक्रवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैर्त्स ने इससे जुड़ा कोई जिक्र नहीं किया.  




कई अन्य जर्मन मीडिया संस्थानों के मुताबिक सीडीयू की खांजाची, फ्रांत्सिस्का हॉपरमान पार्टी की नई महासचिव हो सकती है. कार्स्टन लिनेमान को स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद यह पद खाली हुआ है.  
ट्रियर यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर उवे युन ने इस बदलावों पर डॉयचलांडफुंक रेडियो से कहा, "फ्रीडरिष मैर्त्स दिखाना चाहते हैं कि उनका गठबंधन कार्रवाई करने में सक्षम है और खुद वह बतौर चांसलर ऐसा करने में सक्षम हैं."  




मैर्त्स के सामने विकराल चुनौती  
यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की लचर हालत, घरेलू राजनीति में धुर दक्षिणपंथी पार्टी का उभार और खुद धरातल पर आई अपनी लोकप्रियता, उनके सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं. जर्मनी में सितंबर में कुछ राज्यों में प्रांतीय चुनाव हैं. देश के पूर्वी राज्य सैक्सोनी-अनहाल्ट में इस वक्त धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी काफी आगे दिख रही है. सर्वेक्षण दिखा रहे हैं कि सैक्सोनी-अनहाल्ट जीतने के साथ ही एएफडी पहली बार जर्मनी में कोई प्रांतीय सरकार बना सकती है. अगर ऐसा हुआ तो इसे मैर्त्स के चांसलर कार्यकाल के लिए बड़ी नाकामी से जोड़कर भी देखा जाएगा.  

जर्मनी: चुनाव से पहले एएफडी ने जारी किया 100 दिन का एक्शन प्लान, शरणार्थियों के लिए कड़े नियम  
जर्मनी की गठबंधन सरकार ने 2025 में देश के जर्जर हो चुके आधारभूत ढांचे को फिर से अपग्रेड करने का एलान किया. रेलवे नेटवर्क, पुलों और सड़कों के लिए 500 अरब यूरो का बजट भी रखा गया. यह काम शुरू भी हो चुका है लेकिन मरम्मत या अपग्रेड की वजह से कई रास्ते बंद भी हो रहे हैं.  
एएफडी पार्टी की सह संस्थापक एलिस वाइडेल ने शुक्रवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर कैबिनेट में हुए बदलावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मैर्त्स के इन फैसलों ने "और कोहराम मचेगा." वाइडेल ने लिखा, "जर्मनी को नए चुनावों की जरूरत है."  
जर्मनी में 2025 में संसदीय चुनाव हुए थे. अगर वर्तमान संसद अपना कार्यकाल पूरा करेगी तो अगले चुनाव 2029 में होंगे.






Deshbandhu











Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

No related threads available.

deltin55

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

12

Posts

1510K

Credits

administrator

Credits
155026