नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। असम में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर राज्य की बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं, राज्य में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ से हुए नुकसान, राहत कार्यों की प्रगति और प्रशासन के सामने मौजूद चुनौतियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है और जरूरत के अनुसार हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राहत कार्यों की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। विभिन्न जिलों में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित हर परिवार तक समय पर सहायता पहुंचे।
सरमा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
11 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में
लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण असम के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 11 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई गांवों का संपर्क कट गया है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की बचाव एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
गुजरात में भी भारी बारिश से मुश्किलें
उधर, गुजरात के कई हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई प्रमुख राजमार्गों पर जलभराव के चलते यातायात बाधित हो गया। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और निचले क्षेत्रों के गांवों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
पाटन जिले के संतालपुर क्षेत्र में कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जबकि सुरेंद्रनगर जिले के कोचाडा गांव में रातभर चले बचाव अभियान के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

National Desk
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