नई दिल्ली। देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर भारत से हिमालय होते हुए पूर्वी एशिया तक फैली बादलों की लंबी पट्टी के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राजधानी समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR में बारिश से गर्मी से राहत
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह से बादल छाए रहने के बाद कई इलाकों में बारिश शुरू हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी और तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है।
यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और तमिलनाडु सहित 14 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के कई जिलों और बिहार के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश का अनुमान है। प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
गुजरात और असम में बाढ़ जैसे हालात
लगातार हो रही बारिश के कारण गुजरात के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण गुजरात के कुछ क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं। वहीं असम में भी कई जिलों में भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और निचले इलाकों में पानी भर गया है।
'मॉनसून कन्वर्जेंस जोन' से बढ़ी बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय उत्तर भारत से लेकर हिमालय और आगे पूर्वी एशिया तक बादलों की एक लंबी पट्टी सक्रिय है, जिसे 'मॉनसून कन्वर्जेंस जोन' कहा जाता है। यह स्थिति हिंद महासागर से आने वाली नमी को लगातार उत्तर भारत तक पहुंचा रही है, जिससे व्यापक स्तर पर बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

National Desk
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