search
 Forgot password?
 Register now
search

दीवाली से पहले पुष्य नक्षत्र का महासंयोग, यहां नोट करें सोना और वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त

Chikheang 2025-10-13 23:08:36 views 1202
  

दीवाली से पहले किस मुहूर्त में करें खरीदारी?



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दीवाली मनाई जाती है। इस बार 20 अक्टूबर को दीपों का त्योहार दीवाली मनाया जाएगा। यह पर्व देशभर में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से धन में अपार वृद्धि होती है। साथ ही जीवन के सभी दुख दूर होते हैं। इसके अलावा, भगवान गणेश की कृपा से सभी बिगड़े काम पूरे होते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

ज्योतिषि गणना के अनुसार, इस बार दीवाली से पहले 2 दिन पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इस योग में किसी कारोबार को शुरू करना और सोना एवं वाहन की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि इस योग के दौरान खरीदारी करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। बता दें, मंगल पुष्य योग बनने से धन में वृद्धि होती है और बुध पुष्य से कामों में सफतला मिलती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं इन योग के बारे में।

  
इतने बजे से शुरू पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra Date and Time 2025)


पुष्य नक्षत्र की शुरुआत- 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 53 मिनट तक
पुष्य नक्षत्र का समापन- 15 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक
पुष्य नक्षत्र में खरीदारी के शुभ मुहूर्त (Pushya Nakshatra Shopping Shubh Muhurat)

(14 अक्टूबर को शुभ समय)
सुबह 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 01 बजकर 33 मिनट तक
दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजकर 26 मिनट तक
शाम 07 बजकर 26 मिनट से रात 09 बजे तक
(15 अक्टूबर को शुभ समय)
दोपहर 12 बजे तक...

  

(Pic Credit- Freepik)
काम में होती है वृद्धि


ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना गया है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। इस योग में किसी नए काम की शुरुआत करना फलदायी होता है और काम में अपार होती है।
इन चीजों को खरीदना होता है शुभ


खेती से जुड़ी चीजें, गैजेट, पढ़ाई से जुड़े सामान, फ्रिज, एसी, वाहन, घर, सोना और चांदी आदि।

पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी और वाहन को खरीदना शुभ माना जाता है। इससे धन की देवी की कृपा प्राप्त होती है और धन में वृद्धि होती है। इसके अलावा इस योग को निवेश करने के लिए शुभ माना जाता जाता है। पुष्य नक्षत्र में श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है।

यह भी पढ़ें- Diwali 2025: नोट करें धनतेरस, दिवाली और गोवर्धन पूजा की तिथि व शुभ मुहूर्त... ब्रज में 18 से पर्व

यह भी पढ़ें- Diwali 2025: कब और क्यों मनाई जाती है दीवाली? यहां पढ़ें प्रकाश पर्व का धार्मिक महत्व

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157929

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com