search
 Forgot password?
 Register now
search

Hazaribagh Cenral Jail में भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई, एसीबी ने जेल अधीक्षक को पकड़ा, विभाग ने की निलंबन की अनुशंसा

deltin33 2025-10-14 01:06:42 views 1272
  

एसीबी ने हजारीबाग जेल सुपरीटेंडेंट को पकड़ा।  



संस, जागरण, हजारीबाग। हजारीबाग सेंट्रल जेल (जेपी कारा) में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।

आइएएस विनय चौबे और जमीन कारोबारी विनय सिंह से जुड़े भूमि घोटाले के मामले में एक सप्ताह पहले ही जेलर समेत 12 कर्मियों और कक्षपालों को निलंबित किया गया था।

वहीं, अनुबंध पर कार्यरत छह सुरक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था। इसी क्रम में रविवार को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने जेल अधीक्षक जितेंद्र कुमार को गंभीर आरोपों के आधार पर हिरासत में ले लिया।

विभाग ने उसे निलंबित करने की अनुशंसा की है। रविवार शाम को जारी आदेश के बाद जेल का प्रभार उपायुक्त सह उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देव प्रिया को सौंपा गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

उन्होंने सोमवार को जेल का स्वत: प्रभार ग्रहण कर लिया। मामला उस भूमि घोटाले से जुड़ा है जिसमें एसीबी ने पहले ही विनय सिंह को गिरफ्तार किया था।

आरोप है कि जेल अधीक्षक ने उन्हें जेल में हाई प्रोफाइल सुविधाएं देने के एवज में मोबाइल और नकद नजराना मांगा था।

रविवार सुबह करीब 11 बजे एसीबी की टीम ने अधीक्षक को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। एसीबी को जेल में चल रहे घोटाले और गड़बड़ी से जुड़े कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य हाथ लगे हैं।
बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद बड़े खुलासे की संभावना

एसीबी के हाथ लगी फाइलों और रिकॉर्ड की जांच के बाद बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मामला जेल में बंद कठिन कारावास वाले बंदियों को मिलने वाली मेहनताना से भी जुड़ा है, जो अब अधीक्षक के लिए गले की फांस बन गया है।

घटना के बाद जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विनय सिंह के बेटे और भाई को भी मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई।

जेल में आने-जाने वालों और आपूर्ति की जाने वाली सभी सामग्रियों की सघन जांच की जा रही है। हर पैकेट को खोलकर स्कैनिंग की जा रही है ताकि कोई अवैध वस्तु जेल के भीतर न पहुंच सके।
एक बंदी ने एसीबी को दी थी जेल में भ्रष्टाचार की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, दो माह पूर्व एक बंदी, जो हत्या के आरोप में रिहा हुआ था, ने एसीबी को ईमेल भेजकर जेल अधीक्षक के भ्रष्टाचार की जानकारी दी थी।

उसने आरोप लगाया था कि जेल में आपत्तिजनक वस्तुओं की बिक्री, मोबाइल उपयोग के बदले वसूली और यहां तक कि जेल का लोहा बेचने जैसी गतिविधियां चल रही थीं।

समाचार लिखे जाने तक एसीबी की टीम जेल अधीक्षक से पूछताछ कर रही थी। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई हजारीबाग सेंट्रल जेल में फैले भ्रष्टाचार के जाल को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
467413

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com