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CBSE Board Update: सीबीएसई बोर्ड ने की सख्ती, नियमित छात्र ही दे सकेंगे परीक्षा

LHC0088 2025-10-18 01:37:46 views 1139
  

10वीं-12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति का पालन करने का स्कूलों को निर्देश



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षा में अनुशासन और नियमितता सुनिश्चित कराने को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। बोर्ड ने देश भर के सभी संबद्ध विद्यालयों को सख्त निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर विद्यार्थियों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सीबीएसई ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वे समय रहते विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इस नियम की जानकारी दें, ताकि किसी को अंतिम समय में परेशानी न हो। बोर्ड ने यह भी कहा है कि उसकी टीम किसी भी समय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकती है। यदि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपस्थिति रजिस्टर अधूरा है या विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं, तो उन्हें ‘डमी परीक्षार्थी’ माना जा सकता है। ऐसे मामलों में विद्यालय की मान्यता तक रद्द की जा सकती है और छात्र परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।

बोर्ड ने एक बार विद्यालयों को निर्देश देकर स्पष्ट किया है कि केवल गंभीर कारणों जैसे दीर्घकालिक बीमारी, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में भागीदारी, या अन्य प्रमाणित परिस्थितियों में ही उपस्थिति में छूट दी जा सकती है। इन स्थितियों में विद्यार्थियों को समय पर प्रमाणपत्र और दस्तावेज जमा करने होंगे।

बिना अनुमति ली गई छुट्टी को अनधिकृत माना जाएगा। स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका को दैनिक रूप से अद्यतन करें और उस पर कक्षा शिक्षक व स्कूल प्राधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से हों। ये रजिस्टर बोर्ड निरीक्षण के लिए हमेशा उपलब्ध रहने चाहिए।


यदि कोई छात्र लगातार अनुपस्थित रहता है या उपस्थिति का मानक पूरा नहीं करता है, तो स्कूल को अभिभावकों को पंजीकृत डाक या ईमेल के माध्यम से लिखित सूचना भेजनी होगी। इस सूचना में नियमित उपस्थिति के महत्व और बोर्ड परीक्षा में अयोग्यता के संभावित परिणामों का उल्लेख आवश्यक होगा। साथ ही, इस संवाद का रिकार्ड सुरक्षित रखना भी स्कूलों की जिम्मेदारी होगी। सीबीएसई का यह कदम विद्यार्थियों में अनुशासन और शिक्षा के प्रति गंभीरता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी शामिल हों जो वास्तव में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं।
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-अजित दीक्षित, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई
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