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अब और घातक होगी Astra-II मिसाइल, DRDO को मिला चीन की पीएल-15 मिसाइल का फॉर्मूला

cy520520 2025-10-18 14:07:50 views 868
  

अब और घातक होगी Astra-II मिसाइल (प्रतीकात्मक तस्वीर)



डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। भारत अपने डिफेंस सिस्टम को लगातार अपग्रेड कर रहा है। भारत ने देसी तकनीक से मिसाइल और फाइटर जेट बनाने की मुहिम को रफ्तार दे दी है। वहीं, अब भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने चीनी पीएल-15 मिसाइल का विश्लेषण करने के बाद उसकी कुछ उन्नत विशेषताओं को देश में विकसित हो रही एस्ट्रा मार्क-2 मिसाइल परियोजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दरअसल, भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा दागी गई एक PL-15E मिसाइल के विश्लेषण के बाद उठाया गया है। यह मिसाइल पाकिस्तानी वायुसेना के JF-17 या J-10C लड़ाकू विमान से दागी गई थी। जो पंजाब के होशियारपुर के पास एक खेत में मिली थी। जो टारगेट को मारने में पूरी तरह विफल रही।
पंजाब में मिली थी पीएल-15 मिसाइल

पीएल-15ई मिसाइल को 9 मई को पंजाब के होशियारपुर के निकट एक खेत से पूरी तरह सुरक्षित बरामद किया गया, जो भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों के लिए एक दुर्लभ खुफिया अवसर था। पीएल-15ई मिसाइल भारतीय हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के विपरीत, हथियार में आत्म-विनाश तंत्र की कमी के कारण बिना विस्फोट के पाया गया। इसके बाद इसकी विशेषताओं का परीक्षण किया गया। जिसे अब डीआरडीओ PL-15 मिसाइल की खास‍ियतों को एस्ट्रा मार्क-2 मिसाइल में एड करने का निर्णय लिया है।
चीनी हथियार में कई बेहतरीन विशेषताएं

डीआरडीओ ने रक्षा मंत्रालय को सौंपी अपनी विश्लेषण रिपोर्ट के बारे में अभी कोई जानकारी साझा नहीं की है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न बताने की शर्त पर इस मामले के जानकार लोगों ने बताया कि जांच में चीनी हथियार में कई बेहतरीन विशेषताएं सामने आई हैं। इनमें उन्नत प्रणोदक युक्त एक लघु सक्रिय इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार शामिल है जो मैक 5 से भी अधिक गति बनाए रखने में सक्षम है और अत्याधुनिक एंटी-जैमिंग क्षमताएं भी। इन सभी उन्नतियों, खासकर रडार तकनीक, को भारत के स्वदेशी अस्त्र मिसाइल विकास कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।
पीएल-17 मिसाइल लेने की कोशिश में पाकिस्तान

पाकिस्तानी वायु सेना कथित तौर पर चीन से लंबी दूरी की पीएल-17 मिसाइलें, तुर्की से 2,000 वाईआईएचए कामिकेज़ ड्रोन खरीदने की कोशिश कर रही है और उसने अमेरिका को उच्च तकनीक वाले हथियारों की एक सूची भी सौंपी है।

इधर भारतीय रक्षा योजनाकार राफेल लड़ाकू विमानों के लिए अतिरिक्त मेटियोर मिसाइलें खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में भारतीय वायु सेना को संख्या की कमी का सामना न करना पड़े। 800 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली एक अगली पीढ़ी की ब्रह्मोस मिसाइल भी विकसित की जा रही है, जो लगभग पूरे पाकिस्तान को कवर करेगी।

यह भी पढ़ें- देश के दुश्मन पर होगा करारा प्रहार, 700 घातक मिसाइलें खरीदेगी वायुसेना; रेंज जानकर रह जाएंगे हैरान
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