cy520520 • 2025-10-29 21:37:20 • views 641
जागरण संवाददाता, कर्नलगंज (गोंडा)। रेलवे आरक्षण दफ्तर में कर्मचारियों की मिलीभगत से टिकट बुकिंग में खेल किया जा रहा है, इससे जरूरतमंदों को टिकट नहीं मिल पा रहा है। तत्काल कोटे से एक यात्रा टिकट के लिए यात्री के आवेदन करने पर टिकट बनाने वाले लिपिक ने इसी टिकट में तीन अन्य लोगों का भी नाम दर्ज कर दिया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
विरोध दर्ज कराया तो चुप रहने की सलाह दी गई। यात्री ने रेलवे टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए टोल फ्री नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कराई है। उधर, सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
कर्नलगंज बालूगंज निवासी शिवशंकर भट्ट का कहना है कि 28 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन टिकट खिड़की पर सुबह छह बजे पहुंचे। तत्काल कोटे से टिकट लेने के लिए लाइन लगाई। फार्म जमा करने के बाद साढ़े आठ बजे आरक्षण दफ्तर के काउंटर पर पहुंचे और गोंडा से मुंबई जाने के लिए तत्काल टिकट का कुशीनगर एक्सप्रेस में आवेदन किया।
सुबह 11 बजे तत्काल कोटे से स्लीपर टिकटों के लिए जब टिकट खिड़की खुली तो पहले उससे नंबर को लेकर झिकझिक की गई कि तुम्हारा तीसरा नंबर है। विरोध दर्ज कराया कि सबसे पहले वह पहुंचा तब उसका टिकट किया गया। मगर वह तब चौंक गया जब उसने टिकट देखा।
लखनऊ से छत्रपति साहू जी महाराज टर्मिनल के यात्रा के लिए टिकट पुष्पक एक्सप्रेस से किया गया और एक टिकट की जगह तीन और लोगों की सीट उसी के टिकट पर जोड़ दी। संबंधित बाबू ने उसे सिर्फ अपना किराया देने के लिए कहा और समझाया कि आपने जिस ट्रेन से टिकट मांगा उसमें नहीं मिल पाए और पुष्पक में आपके साथ तीन अन्य व्यक्ति का बना दिया है।
इस पर उसने एतराज जताया तो उसे चुप रहने की सलाह दी गई। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के सीनियर डीसीएम आशुतोष गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित आरक्षण लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। |
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