सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। अक्टूबर माह में ऑटोमोबाइल सेक्टर में मां लक्ष्मी की अपार कृपा बरसी। जिले में 29 अक्टूबर तक रिकॉर्ड 4128 वाहनों की बिक्री हुई है। इसमें 3078 टू व्हीलर (बाइक-स्कूटी) हैं, जबकि 1050 फोर व्हीलर (कारें-जीपें) हैं। अब इनके रजिस्ट्रेशन व नंबर अलाटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें दो हजार से ज्यादा वाहन आठ दिन के त्योहारी सीजन में ही बिके हैं। पिछले साल इस सीजन में करीब 1500 वाहनों की बिक्री हुई थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
‘दैनिक जागरण’ ने सरकार की वेबसाइट से यह आंकड़े जुटाये हैं। जिले में तीन जगह रेवाड़ी, बावल और कोसली में वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है। रेवाड़ी रजिस्ट्रेशन कार्यालय में 29 अक्टूबर तक कुल 4026 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, इनमें 1018 कार व 3008 मोटरसाइकिल-स्कूटी है। कोसली में 42 वाहनों की बिक्री हुई, इनमें 12 कार व 30 दुपहिया, बावल में 60 वाहनों की बिक्री हुई, इनमें 40 दुपहिया व 20 कारें शामिल है।
वाहनों की बिक्री बढ़ने के दो अहम कारण
1. जीएसटी की दरें घटी
22 सितंबर से वाहनों पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% होने से कार व दुपहिया वाहनों के दाम काफी गिर गए। कार की कीमत में तो 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक दाम कम हुए। बाइक की कीमतों में छह से आठ हजार रुपये की कमी हुई। लग्जरी कार सेगमेंट में जीएसटी कमी से बिक्री का ग्राफ बढ़ा है।
2. दीवाली पर विशेष ऑफर
इस बार जीएसटी घटने से उत्साहित कंपनियों ने त्योहार के सीजन में ज्यादा आफर दिए। यही वजह रही कि पिछले साल के त्योहारी सीजन के मुकाबले इस बार दोपहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री में 25 से 30 फीसदी का उछाल आया।
ईवी व सीएनजी वाहनों के चाहने वाले भी बढ़े
पेट्रोल-डीजल के अलावा अब ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सीएनजी वाहनों के चाहने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। अक्टूबर माह में जिले में 37 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकी हैं। पेट्रोल-सीएनजी वाली 26 गाड़ियां बिकी हैं। 18 पेट्रोल हाईब्रिड व केवल पेट्रोल की 554 गाड़ियां बिकी हैं। |
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