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Guru Nanak Jayanti 2025 Date: 4 या 5 नवंबर, कब है गुरु नानक जयंती? यहां पढ़ें सही तिथि और धार्मिक महत्व

deltin33 2025-11-1 15:19:49 views 1178
  

Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक जयंती का धार्मिक महत्व



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Guru Nanak Jayanti 2025 Date: सिख धर्म के लोग कार्तिक पूर्णिमा के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इस तिथि पर गुरु नानक जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस खास अवसर पर गुरुद्वारों में भजन-कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जाता है। इस दिन नानक देव जी की शिक्षाओं का स्मरण करना चाहिए। सुबह-सुबह प्रभात फेरियां निकाली जाती हैं। इस दौरान गुरुद्वारों में खास रौनक देखने को मिलती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
गुरु नानक जयंती 2025 डेट (Guru Nanak Jayanti 2025 Date)


हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti 2025 Kis Din Hai) मनाई जाती है। इस बार गुरु नानक जयंती 05 नवंबर को मनाई जाएगी।

  

(Pic Credit- Freepik)
कार्तिक पूर्णिमा 2025 डेट और टाइम (Kartik Purnima 2025 Date and Time)


कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 04 नवंबर को रात 10 बजकर 36 मिनट पर
कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि का समापन- 05 नवंबर को शाम 06 बजकर 48 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 02 बजकर 41 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक

  

(Pic Credit- Freepik)
कौन थे गुरु नानक देव जी?


गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ई. में ननकाना साहिब में हुआ था। उनके पिता का नाम मेहता कालू चंद एवं माता का नाम माता तृप्ता था। उन्होंने ईश्वर और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। साथ ही सिख धर्म की स्थापना भी की थी। उन्होंने धर्म का संदेश फैलाने के लिए कई यात्राएं कीं।
गुरु नानक जयंती का धार्मिक महत्व (Guru Nanak Jayanti Significance)


सिख धर्म में गुरु नानक जयंती का विशेष महत्व है। उन्होंने समानता, सेवा और प्रेम का संदेश दिया था। इस खास अवसर पर लोग उनके उपदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया और उन्हें दूर करने का भी प्रयास किया था।

बता दें, गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जाता है। नगर कीर्तन किया जाता है। गुरु नानक देव की शिक्षाओं के बारे में लोगों को बताया जाता है। इसलिए गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के नाम से जाना जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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