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यूपी में सरकारी डॉक्टर और कर्मचारियों नहीं चला पाएंगे निजी अस्पताल, एप से रखी जाएगी नजर

deltin33 2025-11-1 23:37:34 views 776
  

आसान नहीं होंगी सरकारी डॉक्टरों व कर्मचारियों की राह।



विकास सहाय, लखीमपुर। डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए अब सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों में कार्य करना या अस्पताल चलाना आसान नहीं होगा। इस पर रोक लगाने के उद्देश्य से शासन ने एक एप जारी किया है। इस एप पर सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपना ब्योरा अपलोड करना होगा। डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड हो जाने के बाद सभी को एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

शासन इसी आईडी के माध्यम से इनकी गतिविधियों पर नजर रख सकेगा। जिले में करीब 15 सामुदायिक व 60 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ चार नगरीय पीएचसी भी संचालित हैं।

इन सभी केंद्रों पर लगभग 117 डॉक्टर तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी डॉक्टरों का हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। ये रिकॉर्ड तैयार होने के बाद इसे मानव संपदा एप पर अपलोड किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस एप के माध्यम से अब डॉक्टरों और कर्मचारियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

किसी सरकारी डॉक्टर या कर्मचारी की ओर से निजी अस्पताल में काम करने या निजी क्लीनिक चलाने की जानकारी एप पर तुरंत अपडेट हो जाएगी। यदि कोई डॉक्टर सरकारी सेवा में रहते हुए किसी दूसरे चिकित्सक के क्लीनिक पर बैठता है या किसी संस्थान में कार्य करता है तो इसकी सूचना भी स्वतः रिकॉर्ड हो जाएगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि यह ऐप एचपीआर यानी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टरी के नाम से जाना जाएगा। इसमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट व एएनएम तथा सभी विभागीय अधिकारी कर्मचारी शामिल हैं। इनमें 85 प्रतिशत लोगों का रजिस्ट्रेशन इस ऐप में किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से न केवल डॉक्टरों की गतिविधियों पर निगरानी आसान होगी बल्कि विभागीय कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। कई बार देखा गया है कि डॉक्टर अपने तबादले के बाद भी पुराने स्थान पर काम करते रहते हैं या बिना सूचना अन्यत्र चले जाते हैं।

इस नयी व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी, क्योंकि एप के माध्यम से डाक्टर और कर्मचारी का रियल-टाइम लोकेशन और कार्य स्थिति अपडेट होती रहेगी।

मुख्य चिकित्सा धिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि इस यूनिक आईडी से डॉक्टरों के प्रमोशन, तबादला, छुट्टी और सेवा संबंधी सभी कार्य इसी आईडी के माध्यम से होंगे। इस डिजिटल व्यवस्था से शासन को यह पता लगाने में भी आसानी होगी की किस डाक्टर ने कहां और कितने दिनों तक सेवा की है।

जिले में कुल डॉक्टर 118

  • फार्मासिस्ट - 087
  • एएनएम- 701


जिला अस्पताल में कुल डॉक्टर 12

  • फार्मासिस्ट- 06
  • स्टाफ नर्स- 11
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