SBI MF ने ओपन मार्केट में 75 लाख शेयर (0.84% Eq) बेचे है.कंपनी में SBI MF की हिस्सेदारी घटकर 6.76% हुई. इसके अलावा दूसरी खबर Indian Energy Exchange (IEX) की याचिका पर Electricity Appellate Tribunal (APTEL) में 30 अक्टूबर को सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने IEX को एक हफ्ते में नई याचिका दाखिल करने का आदेश दिया था. अब इस केस में Grid Corporation of India, Power Exchange और Hindustan Power Exchange (HPX) जैसी नई पार्टियां भी जुड़ गई हैं. सभी को IEX की याचिका पर जवाब देना होगा.
बिजली के बाजार में एक बड़ी कानूनी लड़ाई चल रही है. यह मामला मार्केट कपलिंग से जुड़ा है यानी सरकार चाहती है कि देश के सभी बिजली एक्सचेंज एक ही सिस्टम से जुड़ें ताकि पूरे देश में एक समान बिजली कीमत तय हो सके.लेकिन IEX (Indian Energy Exchange) का कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी और एक एक्सचेंज पर पूरा नियंत्रण आ जाएगा, जो बाजार के लिए नुकसानदायक है.
अब इस केस पर Electricity Appellate Tribunal (APTEL) में फिर सुनवाई होनी है — गुरुवार, 30 अक्टूबर को.
क्या हुआ पिछली सुनवाई में

13 अक्टूबर को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने IEX को कहा था कि वह अपनी याचिका दोबारा संशोधित करे और सभी जरूरी पक्षों को उसमें शामिल करे.इसके बाद IEX ने नई याचिका दाखिल की, जिसमें Grid Corporation of India, Power Exchange और Hindustan Power Exchange (HPX) को भी पार्टी बनाया गया है.अब ट्रिब्यूनल ने इन सभी से कहा है कि वे IEX की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें ताकि अगली सुनवाई में सभी पक्षों की बातें सुनी जा सकें.
क्या है “मार्केट कपलिंग” का मतलब
मार्केट कपलिंग का मतलब यह है कि देश के सभी बिजली एक्सचेंजों के सौदे एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म पर जोड़े जाएं और उसी से कीमत तय हो.सरकार और CERC (Central Electricity Regulatory Commission) का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिजली की कीमतें स्थिर रहेंगी.लेकिन IEX का कहना है कि इससे बिजली बाजार में प्रतिस्पर्धा खत्म होगी और उपभोक्ताओं को फायदा नहीं बल्कि नुकसान होगा.
अगली सुनवाई में क्या होगा
30 अक्टूबर की सुनवाई में ट्रिब्यूनल यह देखेगा कि IEX की नई याचिका में क्या बदलाव किए गए हैं और बाकी पार्टियों ने क्या जवाब दिया है.अगर सभी पक्ष तैयार हैं, तो ट्रिब्यूनल अगली सुनवाई में अंतिम बहस (Final Argument) की तारीख तय कर सकता है.
क्यों अहम है यह केस |