बरही के मजदूरों ने परिजनों से बात कर लगाई वापसी की गुहार, सोमवार से मोबाइल भी बंद।
संवाद सूत्र, बरही (हजारीबाग)। बरही प्रखंड के ग्रामीण मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर कर्नाटक ले जाकर उनसे जबरन गन्ना कटाई कराने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़ित मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की मांग को लेकर जेएसपीएलएस की दीदियों, जनप्रतिनिधियों और परिजनों ने एकजुट होकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि करीब डेढ़ माह पहले कथित ठेकेदारों ने महाराष्ट्र में प्रति माह 30 हजार रुपये मजदूरी और अलग से लोडिंग खर्च देने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर मजदूर घर से निकले, लेकिन उन्हें महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक के लोकापुर क्षेत्र ले जाया गया, जहां उनसे जबरन गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा है।
मजदूरों का कहना है कि उनसे लगातार कठिन श्रम कराया जा रहा है, लेकिन अब तक एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। केवल भोजन दिया जा रहा है और घर लौटने से रोका जा रहा है। मजदूरों ने परिजनों को फोन पर बताया कि वहां के मालिक का कहना है कि ठेकेदार चार लाख रुपये लेकर गया है, इसी कारण मजदूरों को वापस जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जनप्रतिनिधि बना रहे प्रशासन पर दबाव
कर्नाटक में फंसे मजदूरों में बरही प्रखंड के बाराटांड़ निवासी पुरज रविदास, संतोष राम, अजीत राम, अनिल राम, सकलदेव राम, बरहीडीह के कृष्णा साहू तथा कुंडवा गांव के किरण भुइयां, मंटू भुइयां, सचिन भुइयांऔर सन्नी भुइयां शामिल हैं। मजदूर पुरज रविदास ने बताया कि बरही के चेतलाल तुरी और हजारीबाग के श्रीकांत मंडल ने उन्हें काम दिलाने का भरोसा दिया था।
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब जेएसपीएलएस बरही की जेंडर सीआरपी पायल कुमारी, रीना देवी और प्रियंका देवी फील्ड विजिट पर थीं। परिजनों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को मामले से अवगत कराया।
रविवार को पीड़ित परिजन, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, प्रखंड प्रमुख मनोज कुमार रजक और जेएसपीएलएस की महिलाएं बरही थाना पहुंचीं और मजदूरों की अविलंब व सुरक्षित वापसी की मांग की। इस दौरान आरोपी चेतलाल तुरी ने आरोपों को निराधार बताते हुए एक सप्ताह के भीतर मजदूरों को वापस लाने का आश्वासन दिया।
मोबाइल पर संपर्क भी बंद कर दिया गया
हालांकि सोमवार को जानकारी मिली कि मजदूरों से मोबाइल पर संपर्क भी बंद कर दिया गया है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। इसके बाद बाराटांड़ और बरहीडीह गांव के छह पीड़ित परिजन मुखिया प्रतिनिधि छोटन ठाकुर और जेएसपीएलएस की महिलाओं के साथ बरही डीएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां आवेदन देकर मजदूरों को बंधक बनाकर जबरन काम कराने का आरोप लगाया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
इधर कर्नाटक में फंसे मजदूरों के मामले को लेकर बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हजारीबाग उपायुक्त को पत्र लिखकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही दूरभाष के माध्यम से भी संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर मजदूरों की स्थिति से अवगत कराया है।
एक ही स्थान पर फंसे हुए हैं सभी मजदूर
विधायक मनोज यादव ने बताया कि बरही निवासी मजदूर पुरज रविदास लगातार अपनी लाइव लोकेशन भेज रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि सभी मजदूर एक ही स्थान पर फंसे हुए हैं और सहायता की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि कर्नाटक प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सभी मजदूरों को सुरक्षित झारखंड वापस लाने की शीघ्र व्यवस्था की जाए।
इधर प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कर्नाटक में फंसे मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जारही है। |