टाटा मोटर्स ने पेश किए 17 नए ट्रक।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में ट्रकिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेजी से बदल रहा है। बेहतर हाईवे नेटवर्क, बढ़ते सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और ऑपरेटिंग कॉस्ट पर दबाव भी बढ़ रहा है। इन सबके बीच फ्लीट ओनर्स और ट्रांसपोर्टर्स अब ऐसे ट्रक्स चाहते हैं जो ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा किफायती और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली हों। इसी को देखते हिए टाटा मोटर्स ने 7 टन से 55 टन सेगमेंट की 17 नई पीढ़ी के कमर्शियल व्हीकल्स यानी ट्रक को भारत में पेश किया है। कंपनी ने इन ट्रको को लेकर दावा किया है कि ये सुरक्षा, मुनाफे, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी के नए बेंचमार्क सेट करेंगे।
क्या-क्या किया पेश?
टाटा मोटर्स ने 7 टन से 55 टन सेगमेंट की 17 नई पीढ़ी के कमर्शियल व्हीकल्स यानी ट्रक पेश किया है। कंपनी ने ILMCV सेगमेंट में Tata Azura को पेश किया। इसके साथ ही 7 से 55 टन तक की इलेक्ट्रिक ट्रक Tata Trucks.ev को भी पेश किया है। इसके साथ ही Prima, Signa और Ultra प्लेटफॉर्म का बड़ा अपग्रेड भी पेश किया है। कंपनी ने केवल नए मॉडल नहीं पेश किए हैं, बल्कि अपने पूरे पोर्टफोलियो में टेक्निकल बदलावों के जरिए फ्लीट ऑपरेटर की प्रमुख समस्याओं सेफ्टी, माइलेज पर भी काम करने की कोशिश की है।
Tata Azura: ILMCV सेगमेंट के लिए ऑल-न्यू ट्रक रेंज
टाटा मोटर्स ने ILMCV (इंटरमीडिएट और हल्के कमर्शियल वाहन) सेगमेंट के लिए Tata Azura को पेश किया है। इसे 7 टन से 19 टन कैटेगरी में रखा गया है। इसमें नया 3.6-लीटर डीजल इंजन दिया गया है, जिसका उद्देश्य बेहतर परफॉर्मेंस और बेहतर एफिशिएंसी देना है। इसके साथ इसमें एक ऑल-न्यू वॉकथ्रू केबिन मिलता है, जिसमें D+2 सीटिंग, रिक्लाइनिंग सीट्स, ज्यादा स्टोरेज और एर्गोनॉमिक लेआउट दी गई है।
ऐसी केबिन डिजाइनिंग आमतौर पर लंबी शिफ्ट और डिलीवरी-हैवी काम में ड्राइवर की थकान घटाने में मदद कर सकती है। इसका इस्तेमाल ई-कॉमर्स, FMCG, व्हाइट गुड्स, कंस्ट्रक्शन मटीरियल, कृषि-उद्योग और रीजनल लॉजिस्टिक्स जैसे कामों के लिए तैयार किया गया है।
इलेक्ट्रिक ट्रक Tata Trucks.ev को भी की पेश
भारत में कमर्शियल सेगमेंट में इलेक्ट्रिफिकेशन का दबाव अब बढ़ रहा है, खासकर शहरी डिलीवरी और क्लोज्ड-लूप ऑपरेशन्स में। इसी संदर्भ में टाटा मोटर्स ने Tata Trucks.ev के तहत 7 से 55 टन तक की इलेक्ट्रिक ट्रक को भी पेश किया है। ये ट्रक्स नए I-MOEV (इंटेलिजेंट मॉड्यूलर इलेक्ट्रिक वाहन) आर्किटेक्चर पर आधारित बताए गए हैं।
इसके तीन मॉडल को पेश किया गया है। जीरो-एमिशन शहरी/रीजनल ऑपरेशन के लिए Ultra EV रेंज (7T, 9T, 12T), 470 kW पावर और 453 kWh बैटरी के साथ प्राइम मूवर Prima E.55S और माइनिंग/कंस्ट्रक्शन के लिए इलेक्ट्रिक टिपर Prima E.28K के पेश किया गया है।
EV ट्रकिंग का बिजनेस केस आमतौर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्यूटी साइकिल, रूट प्लानिंग और एनर्जी कॉस्ट पर निर्भर करता है। कंपनी ने इस दिशा में चार्जिंग नेटवर्क और फाइनेंसिंग विकल्पों पर काम करने की बात कही है।
यूरो क्रैश नॉर्म्स के हिसाब से केबिन स्ट्रक्चर
टाटा मोटर्स ने Azura, Signa, Prima और Ultra रेंज के केबिन्स को ECE R29-03 क्रैश सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुरूप बनाया गया है। इनके केबिन स्ट्रक्चर को फुल फ्रंटल इम्पैक्ट, रोलओवर, साइड इम्पैक्ट जैसी स्थितियों में बेहतर सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया है।
इन ट्रकों में एडवांस्ड एक्टिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इन ट्रक्स में 23 से ज्यादा एडवांस्ड एक्टिव सेफ्टी टेक्नोलॉजी शामिल की गई हैं। इनमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर वार्निंग, कॉलिजन मिटीगेशन सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल हैं।
एक्टिव सेफ्टी फीचर्स के वास्तविक फायदे ड्राइविंग कंडीशंस, कैलिब्रेशन और ड्राइवर ट्रेनिंग पर निर्भर करते हैं। फिर भी, इस तरह की टेक्नोलॉजी का उद्देश्य दुर्घटना जोखिम कम करना और ड्राइवर को सहायता देना होता है।
मिलेगा ज्यादा पेलोड और बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी
इस नई ट्रकों के लेकर कंपनी का दावा है कि अपग्रेडेड ड्राइवट्रेन और बेहतर कॉन्फिगरेशन के जरिए पेलोड क्षमता 1.8 टन तक बढ़ाई जा सकती है। साथ ही 7 प्रतिशत तक बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी भी मिल सकती है। इसके लिए कंपनी ने उन्नत 6.7-लीटर Cummins डीजल इंजन का भी उल्लेख किया है।
अधिक पेलोड का मतलब प्रति ट्रिप ज्यादा रेवेन्यू क्षमता, और बेहतर माइलेज का मतलब सीधा ऑपरेटिंग कॉस्ट में कटौती है। दोनों मिलकर प्रति किलोमीटर कमाई बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। |